उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार उमर गौतम के कई पुराने वीडियो सामने आए हैं.  खुद उमर गौतम का दावा है कि इस्लामिक दावा सेंटर जामिया दिल्ली में उसने करीब 1000 लोगों के धर्मांतरण सम्बन्धी डॉक्यूमेंट जारी किये हैं. बताया जा रहा है कि इस्लामिक दावा सेंटर में महीने में औसत 15 से ज्यादा लोगों का धर्मांतरण डॉक्यूमेंट किया जाता है.

यूपी पुलिस के सूत्र के मुताबिक, उमर गौतम ने कबूल किया कि इस्लामिक दावा सेंटर में इंग्लैंड, सिंगापुर, पोलैंड तक में धर्मांतरण का काम होता है, लोगों के इस्लाम कबूल करने से अल्लाह का काम हो रहा है.  उमर गौतम के कबूलनामे का वीडियो सामने आने से धर्मांतरण मामले में बड़ा खुलासा हो रहा है.

गौरतलब है कि 20 को उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक धर्मांतरण रैकेट का भांडाफोड़ हुआ है. नोएडा पुलिस को लंबे वक्त से इसकी शिकायत मिल रही थी, जिसके बाद एटीएस की मदद से इस मामले में एक्शन लिया गया. यूपी एटीएस ने इस मामले में आरोपी मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी को गिरफ्तार किया है. धर्मांतरण के इस रैकेट का खुलासा नोएडा डेफ सोसायटी में पढ़ने वाले 12-15 मूक-बधिर युवकों को लालच देकर धर्मांतरण कराने के बाद हुआ था.  पूछताछ में पता चला कि इस्लामिक दावा सेंटर एनसीआर में धर्मांतरण केंद्र चलाया रहा है  और उमर गौतम ने खुद बड़ी संख्या में युवा महिलाओं सहित 1000 से अधिक लोगों का धर्मांतरण कराया है.

वहीं पुलिस सूत्रों को इस मामले में विदेशी फंडिंग और कई लोगों के शामिल होने की भी जानकारी मिली है. पुलिस के मुताबिक, ये लोग मूक-बाधिर बच्चों को धर्मांतरण का शिकार बनाते थे, साथ महिलाओं को भी लालच देकर धर्मांतरण कराया जाता था.

बता दें कि वर्तमान में देश भर में 60 से अधिक दावा संस्थान चलाए जा रहे हैं. खासतौर पर यूपी, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र में आईडीसी के सेंटर चल रहे हैं.