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Shayari

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VAISE TO TOO MERA SAAYA THA NAHI

वैसे तो तू मेरा साया था नहीं, पर तू मेरे लिए कभी पराया भी था नहीं,

कोई पागल समझता है, कोई दीवाना समझता है

written by Suman Vasistha Bhardwaj   कोई पागल समझता है, कोई दीवाना समझता है मेरी मोहब्बत को यहाँ हर कोई,अफसाना समझता है डूब कर इस तरह मेरा मोहब्बत में दीवाना हो जाना, कहां…

शायर हूं मैं (नई शायरी)

(Written by Suman Vashisht Bharadwaj) मेरे दिल में तो वो था और उसकी हसरतों का साया था पर बहुत कमबख्त दिल था उसका जो खुदा तूने बनाया था जज्बात तो…

मैं पीने की, मैं खाने में जाने की

(Written by Suman Vashisht Bharadwaj) मैं पीने की, मैं खाने में जाने की आदत तो बहुत है हमको, मगर कोई मेरे जमीर से पूछे, मगर कोई मेरे जमीर से पूछे…

शायर हूं मैं

(Written by Suman Vashisht Bharadwaj) शायर हूं मैं यूं ही शायरी करूंगा इस दिल के टूटने से यूं ही नहीं मरूंगा मरना तो है एक रोज ए जिंदगी मरना तो…

तिनका तिनका कर मैं भ्रम बुनता गया

Written by Suman Vashisht Bharadwaj तिनका तिनका कर मैं भ्रम बुनता गया। किसी की ना सुनी बस अपने ही दिल की सुनता गया। ना थी मंजिल ना रास्ते थे फिर…

जाने क्यों तेरी तारीफ करना दिल को

Written by Suman Vashisht Bharadwaj तबस्सुम की पहली ग़ज़ल है तू मेरे शहर में आया हुआ वो कल है तू जिसे देखकर धड़कती है मेरी धड़कन मेरा बीता हुआ वो…

प्यार में तिरस्कार

अभी अभी तो आया हूं, अभी जाने की बात करते हो। मैं तुमसे बेपनाह प्यार करता हूं, तुम बार-बार मेरा तिरस्कार करते हो। इतना ना सोचो मेरे बारे में, मैं…

हम जीने की जद्दोजहद करते रहे

ता उम्र हम जीने की जद्दोजहद करते रहे, जिंदगी हमसे हम जिंदगी से लड़ते रहे। उम्मीदों की गागर भर्ती रही झलकती रही। जिंदगी कतरा कतरा कर गुजरती रही। ख्वाहिशें बनती…

महान शायर-निदा फ़ाज़ली एक नाम ही काफी है

महान शायर निदा फ़ाज़ली का जन्म दिल्ली में 12 अक्टूबर 1938 को एक कश्मीरी परिवार में हुआ था. और इस मसहूर शायर का निधन 8 फरवरी 2016 को मुम्बई में…

वो समुंदर की गहराई जैसा है

written by Suman Vashisht Bharadwaj ( उसकी खामोश आँखों में ) वो समुंद्र की गहराई जैसा है ! वो पलको के नीचे परछाई जैसा है ! मेरे एहसास को छूने…

उसकी खामोश आँखों में, मैं अक्सर अपना पता ढूंढता हुं

written by Suman Vashisht Bharadwaj  ( उसकी खामोश आँखों में ) उसकी खामोश आँखों में, मैं अक्सर अपना पता ढूंढता हुं! मिला तो नहीं वो मुझे, पर मैं उस के…

ए ग़ालिब बहुत आए होंगे तेरी महफ़िल में

Written by Suman Vashisht Bharadwaj ए ग़ालिब बहुत आए होंगे तेरी महफिल में टूटे हुए दिल के मेहमान। आशिकी के शेर भी तूने खूब सुनाएं होंगे। तूने अपनी शायरी से…

तेरी तारीफ में दो अल्फ़ाज़

Written by Suman Vashisht Bharadwaj तेरी तारीफ में दो अल्फ़ाज़ कहना चाहता हूं! देर ना हो जाए इसलिए आज कहना चाहता हूं! एक तेरी झुकी पल्कों का अंदाज कहना चाहता…