शुक्रवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद संसद भवन के सेंट्रल हॉल में संविधान दिवस के समारोह का नेतृत्व करेंगे। साथ ही इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशिष्ट सभा को संबोधित करेंगे और आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में भाग लेंगे। संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार केंद्र आजादी का अमृत महोत्सव के तहत संविधान दिवस मनाएगा। संसद में आयोजित कार्यक्रम को उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, वह ‘संवैधानिक लोकतंत्र पर ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी’ का भी उद्घाटन करेंगे। बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री उच्चतम न्यायालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय संविधान दिवस समारोह का उद्घाटन शाम साढ़े पांच बजे विज्ञान भवन, नई दिल्ली के प्लेनरी हॉल में करेंगे।

इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीश, सभी उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठतम न्यायाधीश, भारत के सॉलिसिटर जनरल और कानूनी बिरादरी के अन्य सदस्य उपस्थित रहेंगे। 1949 में संविधान सभा द्वारा भारत के संविधान को अपनाने के उपलक्ष्य में राष्ट्र 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाएगा।

इस ऐतिहासिक तिथि के महत्व को उचित मान्यता देने के प्रधान मंत्री के दृष्टिकोण के आधार पर 2015 में संविधान दिवस का अवलोकन शुरू हुआ। इस दृष्टि की जड़ें 2010 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित “संविधान गौरव यात्रा” में भी देखी जा सकती हैं।