• Sun. Oct 17th, 2021

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम सरकार के लिए बने मुसीबत का सबब,शिवसेना ने मुंबई में लगाए पोस्टर

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम अब सरकार के लिए मुसीबत का सबब बनते जा रहे हैं. जिसे लेकर अब शिवसेन ने भी इस विषय पर मोदी सरकार का घेराव तेज कर दिया है. जिसे लेकर शिवसेना की ओर से मुंबई के बांद्रा इलाके में पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें साल 2015 और साल 2020 के गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतों की तुलना की गई और पूछा गया कि क्या यही है अच्छे दिन?

जहां इन पोस्टरों में 2015 में पेट्रोल के दाम 64.60 रुपये बताए गए हैं जबकि 2021 में यह 96.62 रुपये प्रति लीटर हो गया है. वहीं डीजल के दामों के बदलाव को भी पोस्टर में देखा जा सकता है. 2015 में जहां डीजल 52.11 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था वहीं 2021 में यह 88.06 रुपये हो चला है. रसोई गैस में इस्तेमाल होने वाले LPG के दामों में भी खासा बदलाव देखने को मिला है. 2015 में जहां एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत 572 रुपये 50 पैसे थी, वहीं अब बढ़कर यह 791 रुपये हो गई है.

बता दें कि मूल्य वृद्धि से दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 90.58 रुपए प्रति लीटर और मुंबई में 97 रुपए प्रति लीटर हो गई है. ईंधन की कीमतों के मामलों में चार प्रमुख महानगरों में सबसे महंगा मुंबई में है. इस मामले को लेकर केंद्र सरकार इन दिनों चौतरफा घिरी हुई है. एक तरफ जनता की नाराजगी तो दूसरी करफ राजनीतिक पार्टियों ने मोर्चा बंदी शुरू कर दी है.

वहीं पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर शनिवार को सोनिया गांधी, मायावती और अखिलेश यादव समेत कई राजीनिक दलों ने सवाल उठाए. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने देश में ईंधन और गैस की बढ़ती कीमतों को ले कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को रविवार को पत्र लिखा और आरोप लगाया कि सरकार लोगों के कष्ट और पीड़ा दूर करने के बजाए उनकी तकलीफ बढ़ाकर मुनाफाखोरी कर रही है. गांधी ने मोदी से ‘राज धर्म’ का पालन करने और उत्पाद शुल्क में आंशिक कटौती करके कीमतें कम करने की अपील की.

AAJ KEE KHABAR PURANI YAADEN

Latest news in politics, entertainment, bollywood, business sports and all types Memories .