• Sun. Oct 24th, 2021

निर्भया कांड को 7 साल पूरे, क्या अब मिलेगा निर्भया को इंसाफ

आज से सात साल पहले 16 दिसंबर की रात राजधानी दिल्ली की सड़कें जिस दरिंदगी की गवाह बनी थीं, उससे पूरा देश दहल गया थ.  देश के हर नागरिक की आंखों में अंगारे भड़क रहे थे और पूरा देश न्याय की लड़ाई के लिए सड़क पर उतर आया था. यादव ट्रैवल्स की नंबर 0149 वही बस है, जिसमें वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया था. जिसे देख दिल्ली पुलिस से लेकर आसपास रहने वाले लोग आज भी गुस्से से बौखला उठते हैं. निर्भया केस को आज 7 साल बीत चुके हैं और अभी भी पूरे देश को दोषी मुकेश, विनय, अक्षय और पवन की फांसी का इंतजार है.

इस केस की जांच में शामिल रहे पुलिसकर्मियों का कहना है कि जब वह इस बस को देखते हैं तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं और गुस्सा आ जाता है. किसी ने सोचा कि इस बस में इंसानियत को शर्मसार करने वाले एसे दरिंदे होगे जो निर्भया के साथ एसी दरिंदगी कर पूरे देश को एक ऐसा दर्द देंगे जिसे देश कभी नहीं भूला पाएगा. आज भी निर्भया के बारे में सोच कर हम सबकी आंखें नम हो जाती हैं, ऐसे में 7 साल बाद भी निर्भया को इंसाफ क्यो नही मिल पा रहा है. और पूरा देश चाहता है कि निर्भया के दोषियों को जल्द से जल्द फांसी पर चड़या जाए. लेकिन इस घटना के 7 साल बीत जाने के बाद भी निर्भया के गुनहगारों को अब तक फांसी के फंदे पर नहीं लटकाया गया है. निर्भया कांड के 7 साल बीत जाने के बाद भी देश में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध में कोई कमी नहीं आई है.

nirbhaya-6-1-webp55555-1575432776-1575716893-1575895552.jpg

बता दें इस घटना की निर्ममता के बारे में जिसने भी पढ़ा-सुना उसके रोंगटे खड़े हो गए. इस घटना के बाद पूरे देश में व्यापक प्रदर्शन हुए और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर आंदोलन शुरू हो गया था. मामले के चार दोषी विनय शर्मा, मुकेश सिंह, पवन गुप्ता और अक्षय कुमार सिंह को फांसी की सजा सुनाया गया है.

बता दें कि 16 दिसंबर 2012 को देश की राजधानी दिल्ली की एक बेटी के साथ हैवानों ने दरिंदगी की थी. और आज ही के दिन पूरा देश शर्मसार हुआ था. 16 दिसंबर 2012 की रात को 23 साल की मेडिकल स्टूडेंट के साथ चलती बस में 6 हैवानों ने बर्बर तरीके से गैंगरेप करने के बाद मरने की हालत में उसे सड़क पर फेंक दिया था.   29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर के माउन्ट एलिजाबेथ अस्पताल में इलाज के दौरान निर्भया जिंदगी की जंग हार गई थी.

AAJ KEE KHABAR PURANI YAADEN

Latest news in politics, entertainment, bollywood, business sports and all types Memories .