सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा  ने फसलों के लिए MSP की कानूनी गारंटी सहित सरकार के समक्ष उठायी गयी अपनी 6 मांगें रिपीट करते हुए कहा कि जब तक यह मांगें मानी नहीं जाती हैं तब तक वो आंदोलन जारी रखेगें। साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन तब तक समाप्त नहीं किया जाएगा, जब तक तीनों कृषि कानूनों को संसद में औपचारिक तौर पर निरस्त नहीं किया जाता है।

बता दें कि पीएम मोदी ने 19 नवंबर को राष्ट्र के नाम संबोधन में तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा की थी। 

वहीं अब संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बयान में कहा कि SKM ने सिंघू सीमा पर अपनी बैठक के बाद रविवार देर शाम पीएम मोदी को एक पत्र भेजा था। जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानों के खिलाफ मामले वापस लेने और तीन विवादास्पद केंद्रीय कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले प्रदर्शनकारियों के लिए स्मारक बनाने की भी मांग की।

तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की प्रधानमंत्री की आश्चर्यजनक घोषणा के बावजूद, किसान नेताओं का कहना है कि वो तब तक नहीं झुकेंगे जब तक कि संसद में औपचारिक रूप से कानूनों को निरस्त नहीं किया जाता है। वहीं किसान नेताओं ने यह भी संकेत दिया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी और बिजली संशोधन विधेयक को वापस लेने के लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा।  साथ ही पीएम के इस फैसले के लिए धन्यवाद देते हुए SKM ने अपने पत्र में कहा था कि ग्यारह दौर की बातचीत के बाद, आपने द्विपक्षीय समाधान के बजाय एकतरफा घोषणा का रास्ता चुना है।