• Wed. Aug 17th, 2022

हिंदू रक्षा दल के नेताओं की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस कर रही छापेमारी

दिल्ली पुलिस ने बुधवार को कहा कि दिल्ली में जंतर मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर लगाए गए सांप्रदायिक नारों के सिलसिले में हिंदू रक्षा दल के नेताओं पिंकी चौधरी और उत्तम मलिक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी और पड़ोसी राज्यों में छापेमारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि दोनों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए हैं और मलिक 7 अगस्त से घर नहीं गए.

पुलिस ने मंगलवार को कहा था कि घटना के सिलसिले में अधिवक्ता और भाजपा के पूर्व प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बैंक ऑफ बड़ौदा के पास आयोजित एक कार्यक्रम में भड़काऊ नारेबाजी के संबंध में कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद गिरफ्तारियां की गईं। आरोपियों की पहचान अश्विनी उपाध्याय, प्रीत सिंह, दीपक सिंह, दीपक कुमार, विनोद शर्मा और विनीत बाजपेयी के रूप में हुई है.

उन्हें दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से गिरफ्तार किया गया था और जल्द ही उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा. प्रीत ‘सेव इंडिया फाउंडेशन’ की निदेशक हैं. दीपक सिंह, दीपक कुमार और विनोद शर्मा विभिन्न दक्षिणपंथी संगठनों से जुड़े हैं.

बता दें कि यहां जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम विरोधी नारे लगाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने सोमवार को इस मामले में मामला दर्ज किया. वहीं भारत जोड़ो आंदोलन की ओर से रविवार को जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए थे. भारत जोड़ो आंदोलन की मीडिया प्रभारी शिप्रा श्रीवास्तव ने कहा था कि उपाध्याय के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया था। हालांकि, उन्होंने मुस्लिम विरोधी नारे लगाने वालों से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया.

विरोध औपनिवेशिक कानूनों और 222 ब्रिटिश कानूनों को खत्म करने की मांग के खिलाफ आयोजित किया गया था. हमने वीडियो देखा है, लेकिन यह नहीं पता कि वे कौन हैं. श्रीवास्तव ने कहा था पुलिस को नारे लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. उपाध्याय ने भी मुस्लिम विरोधी नारेबाजी की घटना में शामिल होने से इनकार किया.

मैंने वायरल हुए वीडियो की जांच के लिए दिल्ली पुलिस को शिकायत सौंपी है. अगर वीडियो प्रामाणिक है तो इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. उपाध्याय ने कहा था, अगर वीडियो फर्जी है, तो भारत जोड़ो आंदोलन को बदनाम करने के लिए दुष्प्रचार किया जा रहा है.

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