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राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 121 मरीजों ने तोड़ दम, हर घंटे कोरोना से पांच लोगों की मौत

पिछले कुछ हफ्तों में दिल्ली के हालत लगतार खराब रहें हैं. जहां एक तरफ कोरोना के नए मामलों की रफ्तार बढ़ती जा रही है. तो वहीं दूसरी तरफ मौत के आंकड़े भी लगातार 100 से उपर ही आ रहें है. ऐसे में दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों और बाजारों में भीड़ की वजह से कोरोना संक्रमण की दर लगतार तेज होती जा रही है. दिल्ली में कोरोना का संक्रमण हर नए दिन के साथ और भयानक होता जा रहा है. जहां बीते दिनों बाजारों में भीड़ और त्योहारों की रौनक थी, तो वहीं अस्पताल में कोरोना की वजह से दम तोड़ने वाले मरीजों का आंकड़ा भी बढ़ रहा था.

बता दें कि अब दिल्ली में हालात इतने बेकाबू हो गए हैं कि यहां हर घंटे में पांच लोग कोविड-19 से अपनी जिंदगी की जंग हार रहे हैं. कल यानी की सोमवार को दिल्ली में कोरोना वायरस के कारण 121 लोगों की मौत हुई और इस आंकड़े के मुताबिक हर घंटे में पांच लोग काल के गाल में समा गए हैं. स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को खासा चिंतित हैं और यहां मास्क न पहनने पर पिछले हफ्ते जुर्माना भी बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया है जो पहले 500 रुपये था.

वहीं दिल्ली में कोरोना संक्रमण के हालात और इससे निपटने केउपायों पर सुप्रीम कोर्ट ने भी दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है. साथ ही कोर्ट ने दिल्र्ली सरकार से पूछा है कि दिल्ली में कोरोना आउट ऑफ कंट्रोल क्यों है और कोविड मैनेजमेंट का सिस्टम दिल्ली में फेल क्यों हो गया? जहां अभी के हालात को देखते हुए कोर्ट ने आशंका जताई है कि दिसंबर में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को 3 दिन में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा है, और शुक्रवार को इस मामले में अगली सुनवाई होगी.

आपको बता दें कि बीते 24 घन्टे में 121 लोगों की मौत हुई है. दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में लगातार चौथे दिन कोरोना से 100 से ज़्यादा मौत दर्ज की गई हैं. बीते 24 घन्टे में 121 लोगों की मौत हुई है और कोरोना से अब तक कुल मौत का आंकड़ा 8512 पर पहुंच गया है. वहीं पिछले दस दिनों में एक हजार से ज्यादा लोगों ने राजधानी में जान गंवाई है, और इस हिसाब से एक दिन में 100 मौत का औसत सामने आया है.

दिल्ली में फेस्टिवल की वजह से हुए कोरोना विस्फोट को संभालने के लिए अब दिल्ली सरकार सख्त एक्शन ले रही है. जहां दिल्ली की तंग गलियों में अब कोरोना सर्वे शुरू कर दिया गया है. दिल्ली सरकार की इस मुहिम का हिस्सा सरकारी स्कूल के शिक्षक बने हैं. शिक्षकों के मुताबिक हर टीम को 1 दिन में लगभग 60 घरों तक पहुंचना होता है, और औसतन 300 लोगों की जांच करनी होती है. दिल्ली में कोरोना घर-घर पहुंच रहा है और अब इस महामारी को पराजित करने के लिए बचाव और उपाय दोनों की ही घेराबंदी जरूरी है.

अब दिल्ली में बढ़ते कोरोना के हालात को देखते हुए, गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली में RTPCR मोबाइल लैब की शुरुआत की है. जहां एक मोबाइल लैब से 3000 टेस्ट रोज हो सकेंगे. इसके जरिए दिल्ली में रोजाना 30 हजार सैंपल लिए जाएंगे, जिनकी रिपोर्ट 6 घंटे के भीतर आ जाएगी. मोबाइल लैब के जरिए टेस्ट की कीमत सिर्फ 500 रुपए होगी. सरकार की योजना है कि एक हफ्ते के भीतर पूरी दिल्ली में इस तरह की 10 मोबाइल टेस्टिंग लैब काम करना शुरू कर देंगी. RTPCR मोबाइल वैन की शुरुआत इसलिए की गई है, क्योंकि एंटीजन जांच से कई संक्रमित लोगों की पहचान नहीं हो पा रही थी.

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