प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 13 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। 72 वर्षीय देशमुख मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह द्वारा लगाए गए 100 करोड़ रुपये की रंगदारी के आरोपों की जांच के लिए सोमवार दोपहर ईडी कार्यालय गए थे।

वहीं ईडी की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, अनिल देशमुख पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे थे. आज देशमुख को कोर्ट में पेश किया जाएगा. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अनिल देशमुख के वकील इन्द्रपाल सिंह ने कहा- साढ़े चार करोड़ रुपये से जुड़े इस केस की जांच में हम सहयोग कर रहे हैं. आज जिस वक्त कोर्ट में उन्हें पेश किया जाएगा तो हम उनकी रिमांड का विरोध करेंगे।

बता दें कि केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा ठाणे से एक बिचौलिए संतोष जगताप को गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद यह घटनाक्रम सामने आया है, जो भ्रष्टाचार के सौदों में कथित रूप से शामिल था और गिरफ्तारी से बच रहा था।

देशमुख ने एक बयान में कहा मैं अदालतों का सम्मान करता हूं। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें ईडी का सम्मन मिला – कम से कम पांच – अतीत में उन्होंने तुरंत जवाब दिया था कि उनका मामला संबंधित अदालतों के समक्ष विचाराधीन था, उन्होंने कहा। यहां तक ​​कि सीबीआई के दो नोटिसों के लिए भी उन्होंने उन्हीं कारणों का हवाला देते हुए तुरंत जवाब दिया और कहा कि अब भी उनका मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। उन्होंने कहा इन सबके बावजूद ईडी-सीबीआई ने मेरे सभी घरों (मुंबई-नागपुर), मेरे परिवार के सदस्यों, मेरे सहयोगियों पर छापेमारी की है।  

जानकारी के लिए बता दें ईडी ने साफ-साफ कहा है कि महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री ने जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे, इसलिए इन्हें गिरफ्तार किया गया। महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री देशमुख अपने वकील के साथ सुबह करीब 11 बजकर 40 मिनट पर दक्षिण मुंबई के बलार्ड एस्टेट इलाके में स्थित जांच एजेंसी के कार्यालय पहुंचे थे। ईडी के अधिकारी लगातार उनसे पूछताछ कर रहे थे और मामले से संबंधित जानकारी जुटाने की कोशिश में लगे हुए थे।

गिरफ्तारी को लेकर अधिकारियों की ओर से जानकारी दी गई है कि केंद्रीय जांच एजेंसी महाराष्ट्र पुलिस प्रतिष्ठान में 100 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत एवं वसूली मामले में की जा रही आपराधिक जांच के संबंध में धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 71 वर्षीय नेता के बयान दर्ज की. बता दें कि वसूली के आरोपों के कारण देशमुख को अप्रैल में इस्तीफा देना पड़ा था।

गौरतलब है कि ईडी के संयुक्त निदेशक सत्यव्रत कुमार कुछ अन्य अधिकारियों के साथ रात करीब नौ बजे एजेंसी के कार्यालय पहुंचे थे। इससे पहले ईडी की ओर से अनिल देशमुख को पांच बार समन जारी किया गया था लेकिन वह पेश नहीं हुए थे। बाद में वह बॉम्बे हाई कोर्ट की ओर से पिछले हफ्ते इन समनों को रद्द करने से इनकार के बाद वह एजेंसी के समक्ष पेश हुए थे।

बता दें कि जिस मामले में अनिल देशमुख की गिरफ्तारी हुई है, उसी केस में पूर्व गृह मंत्री की पत्नी और बेटे से भी पूछताछ होनी है। उन्हें भी दो बार पूछताछ के लिए समन भेजा गया है, लेकिन अभी तक वे नहीं पहुंचे हैं. 

वहीं केस की बात करें तो मार्च में परमबीर सिंह को मुंबई पुलिस के कमिश्नर पद से हटा दिया गया था। उन्हें होमगार्ड का डीजी बना दिया गया था। बाद परमबीर सिंह की एक चिट्ठी सामने आई थी, जो उन्होंने सीएम उद्धव ठाकरे को लिखी थी। इस चिट्ठी में उन्होंने दावा किया था कि अनिल देशमुख ने गृहमंत्री रहते हर महीने सचिन वाजे से 100 करोड़ रुपये देने की मांग की थी। इसके साथ ही देशमुख पर ये भी आरोप लगाया गया था कि वो पुलिस अधिकारियों की ट्रांसफर और पोस्टिंग के एवज में पैसा लेते हैं।