मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार जल्द ही राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती है. यह भी सामने आया है कि मप्र सरकार राज्य भर के पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी कर सकती है. इसे लेकर राज्य के वित्त विभाग ने प्रस्ताव का मसौदा तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय को विचार के लिए भेजा है. इस संबंध में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री द्वारा लिया जाएगा.

वर्तमान में राज्य के कर्मचारियों को 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) मिल रहा है, जिसे 5 प्रतिशत और बढ़ाया जा सकता है. अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो इस कदम से एमपी के करीब 7 लाख सरकारी कर्मचारियों को फायदा होगा। लेकिन डीए और डीआर बढ़ाने के फैसले से राज्य के खजाने पर वित्तीय बोझ बढ़ने की भी संभावना है.

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को पहले से ही 28 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलता है. शिवराज सरकार पहले ही कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि की घोषणा कर चुकी है. आगामी उपचुनाव और त्योहारी सीजन को देखते हुए उम्मीद है कि मप्र सरकार जल्द ही महंगाई भत्ते में इजाफा करेगी.

पिछली कमलनाथ सरकार ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के डीए को 5 प्रतिशत बढ़ाने का फैसला किया था, लेकिन कोरोनावायरस महामारी के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका. इसको लेकर विपक्षी दल शिवराज सरकार पर हमले कर रहे थे। अब, COVID-19 की स्थिति और आर्थिक गतिविधियों के पटरी पर आने के साथ, सरकार के राजस्व संग्रह में भी काफी सुधार हुआ है.

ऐसे में मप्र सरकार अब डीए और डीआर बढ़ाने के फैसले को लागू करने पर विचार कर रही है. उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के कर्मचारियों ने भी डीए में बढ़ोतरी की मांग रखी है. मप्र सरकार कथित तौर पर राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच बढ़ती नाराजगी को दूर करने के लिए डीए में बढ़ोतरी पर विचार करने पर सहमत हो गई है.

केंद्र आने वाले दिनों में केंद्रीय कर्मचारियों को दिवाली के तोहफे के तौर पर बड़ा तोहफा देने की भी संभावना है. यह सामने आया है कि केंद्र पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) की दर बढ़ा सकता है. फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 28 फीसदी महंगाई भत्ता मिलता है, जिसे बढ़ाकर 31 फीसदी किए जाने की संभावना है.