हरियाणा से भारी बारिश और पानी छोड़े जाने के बाद शुक्रवार को यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया. दिल्ली के पुराने यमुना पुल पर सुबह नौ बजे जलस्तर 205.26 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 205.33 मीटर के करीब है.

सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग (I&FC) के अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार को पानी का स्तर 204.50 मीटर के चेतावनी चिह्न के करीब पहुंच गया, जब पानी का स्तर रात 8 बजे 203.74 मीटर तक पहुंच गया। गुरुवार सुबह 10.30 बजे 203.37 मीटर था. शुक्रवार सुबह छह बजे जलस्तर 205.10 मीटर रिकॉर्ड किया गया। सुबह 7 बजे यह 205.17 मीटर और सुबह 8 बजे 205.22 मीटर था.

हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से सुबह 6 बजे यमुना में 20,485 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर बढ़ गया। नतीजतन, 20,485 क्यूसेक फिर से सुबह 7 बजे छोड़े गए, जबकि 19,056 क्यूसेक सुबह 8 बजे छोड़े गए.  अधिकारियों ने बताया कि मानसून के दौरान हथिनीकुंड बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जाता है. यह तब होता है जब पहाड़ी क्षेत्रों में भारी वर्षा होती है और बांध की क्षमता तक पहुंच जाती है.