जैसा कि देश में पेगासस स्पाइवेयर मुद्दे पर गर्मागर्म बहस हो रही है, महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार (23 जुलाई) को अपने कर्मचारियों को कार्यालय समय के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग कम से कम करने को कहा है , साथ ही कहा कि  लैंडलाइन फोन अधिक बेहतर हैं.

बता दें कि सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि आधिकारिक काम के लिए जरूरी होने पर ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया जाए. आदेश में कहा गया है कि कार्यालय में मोबाइल फोन का अंधाधुंध उपयोग सरकार की छवि को खराब करता है.

इसमें कहा गया है कि अगर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना है तो टेक्स्ट मैसेज का ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए और इन उपकरणों के जरिए बातचीत कम से कम होनी चाहिए. सरकार ने कहा कि अधिकारी समय के दौरान मोबाइल उपकरणों के माध्यम से सोशल मीडिया का उपयोग सीमित होना चाहिए. ‘आचार संहिता’ में आगे कहा गया है कि मोबाइल फोन पर व्यक्तिगत कॉल का जवाब कार्यालय से बाहर निकलकर दिया जाना चाहिए.

वहीं आदेश में यह भी कहा गया है कि मोबाइल फोन पर बातचीत “विनम्र” होनी चाहिए और आसपास के लोगों को ध्यान में रखते हुए “कम आवाज में” होनी चाहिए, लेकिन निर्वाचित प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के कॉल का जवाब बिना देर किए देना चाहिए. आधिकारिक बैठकों के दौरान या वरिष्ठ अधिकारियों के कक्षों के अंदर मोबाइल फोन साइलेंट मोड पर होना चाहिए. इसी तरह, इंटरनेट ब्राउजिंग, मैसेज चेक करने और ईयरफोन के इस्तेमाल से ऐसे मौकों पर बचना चाहिए, सरकार ने सलाह दी.