महाराष्ट्र में भूस्खलन सहित बारिश की वजह से कम से कम 138 लोगों की मौत हो गई है. राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, रायगढ़ जिला बारिश के कहर से सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां गुरुवार को तलिये गांव में भूस्खलन में 37 लोगों लोगों की जान चली गई. वहीं पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए, उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि पिछले चार दिनों में भारी बारिश से प्रभावित नौ जिलों से अब तक 90,000 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है.

तटीय कोंकण क्षेत्र में रायगढ़ और रत्नागिरी जिले के कुछ हिस्से और पश्चिमी महाराष्ट्र में कोल्हापुर जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. इसके अलावा, सतारा जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो रही है. वहीं एनडीआरएफ ने बताया है कि हमारी टीम ने अब तक महाराष्ट्र में फंसे 1,800 लोगों को बचाया है और 87 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. हमने महाराष्ट्र में विभिन्न भूस्खलन स्थलों से 52 शव निकाले हैं. लापता लोगों की तलाश की जा रही है.

शिव प्रसाद इंस्पेक्टर एनडीआरएफ ने कहा कि कोल्हापुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 600 ग्रामीणों को बचाकर चीनी मिल के एक केंद्र में स्थानांतरित कर दिया गया है. राजापुर और कुरुंदवाड़ गांवों में जल स्तर बढ़ गया था. एनडीआरएफ ने प्रखंड प्रशासन की मदद से 3 गांवों के कई लोगों को बचाया.

वहीं महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि तलिये गांव में बाढ़ से जिन लोगों को नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा दिया जाएगा. हम कोशिश करेंगे कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं में किसी की जान न जाए. बता दे कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद बाढ़ जैसी स्थिति की समीक्षा करने के लिए रायगढ़ के महाड के तलिये गांव का दौरा किया.

वहीं एनडीआरएफ की एक टीम ने सातारा भूस्खलन की घटना में अंबेघर में बचाव अभियान के दौरान 6 शव बरामद किए. एनडीआरएफ ने कहा, 8 लापता लोगों की तलाश जारी है. तो वहीं एनडीआरएफ ने पालघर में बिजली के तारों पर सुरक्षा बेल्ट से लटके बिजली विभाग के 2 कर्मचारियों को बचाया.