किसान संगठन आज दिल्ली से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे. कई महीनों से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसान अब हर रोज जंतर-मंतर पर जुटेंगे. संयुक्त किसान मोर्चा ने इसे ‘किसान संसद’ का नाम दिया है. संसद के मानसून सत्र के बीच तीन कृषि कानूनों के खिलाफ जंतर-मंतर पर किसानों के विरोध को देखते हुए सिंघू बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. पूरा इलाका छावनी में तब्दील कर दिया गया है.

बता दें कि दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने 9 अगस्त तक प्रतिदिन अधिकतम 200 किसानों द्वारा प्रदर्शन की विशेष अनुमति दे दी है. दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि प्रतिदिन चार बसों में 200 किसानों का एक समूह पुलिस की सुरक्षा के साथ बसों में सिंघू सीमा से जंतर-मंतर आएगा और वहां सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक विरोध प्रदर्शन करेगा. 

वहीं दिल्ली पुलिस ने बताया कि 200 किसानों का एक समूह पुलिस की सुरक्षा के साथ बसों में सिंघू बॉर्डर से जंतर-मंतर आएगा. वहां सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक विरोध प्रदर्शन करेंगे. कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान यूनियनों का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) को इस बारे में एक शपथपत्र देने के लिए कहा गया है कि सभी कोविड नियमों का पालन किया जाएगा और आंदोलन शांतिपूर्ण होगा.

दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि जंतर-मंतर पर पहुंचने वाले हर किसान के पास पहचान पत्र होगा, जिसे चेक करने के बाद ही वहां जाने की अनुमति दी जाएगी. किसानों को यह पहचान पत्र संयुक्त किसान मोर्चा दे रहा है. साथ ही पुलिस ने जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा के इंतजाम किए हैं. वहां दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की 5-5 कंपनियाँ तैनात की गई हैं. पूरी दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर है. जंतर-मंतर पर किसानों का विरोध-प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा और दिल्ली पुलिस के समन्वय से होगा.

बता दें कि दिल्ली में इस समय आपदा प्रबंधन कानून लागू है, जिसके चलते कहीं भी कोई जमावड़ा नहीं हो सकता. लेकिन किसानों के आंदोलन के लिए दिल्ली सरकार ने दिशानिर्देशों में संशोधन किया और इजाजत दी.