अलीगढ़ के थाना गांधी पार्क इलाके में सनातन हिंदू सेवा संस्थान द्वारा भारत में फैलता इस्लामिक जिहाद विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. गोष्ठी में यती नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा जेहाद एक बहुत बड़ी समस्या है हर क्षेत्र में जिहाद फैला है.  हिंदुओं की कायरता नेताओं पर निर्भर रहने की आदत ने हिंदू समाज को मिटने के कगार पर खड़ा कर दिया है.  मोहन भागवत और औरंगजेब का डीएनए एक होगा पर हमारा नहीं.  हमारा डीएनए शुद्ध सनातन का है. जनसंख्या नियंत्रण पर जब तक दो बच्चो वाले को वोट देने के अधिकार का कानून नहीं आता हैं. तब तक जनसंख्या नियंत्रण कानून बेकार है.

V/0- स्वामी नरसिंहानंद सरस्वती ने जनसंख्या नीति पर कहा की योगी आदित्यनाथ ने एक पहल की है. जनसंख्या नीति की उस पहल का स्वागत करता हूं.  लेकिन इसके लिए कानून चीन के जैसा होना चाहिए.  जिसमें दंडात्मक प्रावधान होने चाहिए.  जब तक दंडात्मक प्रावधान नहीं होंगे इन कानूनों का कोई फायदा नहीं होगा.  क्योंकि इन मुसलमानों जिहादियों को कोई सरकारी नौकरी नहीं चाहिए.  लेकिन हमें चीन को फॉलो करना है.  अगर यहां जिहादियों की सरकार बन गई और मुसलमान मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री बन गया.  तो यहां किसी का मानव अधिकार नहीं होगा.  फिर तो यहां पर दानवों के अधिकार रहेंगे. आप क्या चाहते हैं भारत को आप इस्लामिक देश बनाना चाहते हैं.  

वही सरस्वती ने कहा जबकि लव जिहाद को बढ़ावा देने के लिए फिल्म बनाई गई है. बल्कि पूरा बॉलीवुड इसी काम में लगा हुआ है। बॉलीवुड की सफाई भी बहुत जरूरी है. जितने भी मुसलमान बॉलीवुड में है वह सारे के सारे जिहादी हैं। ऐसे जिहादियों का असली घर जेल होना चाहिए।इसके लिए कानून सख्त होना चाहिए. जो दूसरों की बहन बेटियों को बर्बाद करने का षड्यंत्र रचते हैं.

सरस्वती ने कहा मोहन भागवत और औरंगजेब का डीएनए एक होगा हमारा नहीं है. वह अपने डीएनए की बात करें. वह सब के ठेकेदार थोड़े ही हैं. वह अपने कार्यकर्ताओं की बात करें.  मेरे डीएनए के ठेकेदार आरएसएस थोड़े ही हो जाएंगे। काठ की हांडी बहुत लंबी नहीं चढ़ती. जनता अपने आप बैन लगा देगी. अगर मोहन भागवत जैसे नेता RSS के होते रहे तो RSS को खत्म होने में ज्यादा दिन नहीं लगेंगे.

ब्लाक प्रमुख के चुनाव में महिलाओं के साथ मारपीट की घटना पर यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि कहीं कोई इज्जत तार-तार नहीं हो रही है.  आपको समाजवादी पार्टी और बसपा का समय याद नहीं है जहां बहुत बड़े बड़े बवाल हुआ करते थे. यहां जब सपा और बसपा का राज था.  जो औरतों की इज्जत को तार-तार हो रही थी. और सड़कों पर बलात्कार हो रहे थे, कम से कम योगी ने ये तो रोक दिए और देखिए राजनीतिक मैटर है अगर राजनीति में कोई महिला घर से निकल कर गुंडागर्दी करेगी. और उसके 1 थप्पड़ मार दिया तो इसे गंभीरता से नहीं लेना चाहिए.