जम्मू में पिछले महीने दोहरे ड्रोन हमलों के बाद जम्मू और कश्मीर के तीन और जिलों में अधिकारियों ने ड्रोन की बिक्री, भंडारण या कब्जे पर प्रतिबंध लगा दिया.  प्रतिबंध अन्य मानव रहित हवाई वाहनों पर भी लागू है. मंगलवार को तीन जिलों बारामूला, सांबा और रामबन में प्रतिबंध लगा दिया गया है.  श्रीनगर और सीमावर्ती जिलों कठुआ और राजौरी जैसे स्थानों पर पहले से ही प्रतिबंध लगाने की खबरों के बाद यह खबर आई है.

यह प्रतिबंध हाल ही में जम्मू में एक भारतीय वायुसेना स्टेशन पर सशस्त्र ड्रोन के साथ हुए आतंकी हमले के बाद लगया गया है. बारामूला में ड्रोन कैमरे या इसी तरह के अन्य मानव रहित हवाई वाहन रखने वालों को स्थानीय पुलिस थानों में जमा करने का निर्देश दिया गया है.

रामबन के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम), मुसरत इस्लाम ने कहा कि सामाजिक और सांस्कृतिक समारोहों में तस्वीरें और वीडियो कैप्चर करने के लिए छोटे ड्रोन कैमरों के लगातार उपयोग और राष्ट्र विरोधी तत्वों द्वारा इसके उपयोग के जोखिम के मद्देनजर प्रतिबंध का आदेश दिया गया है. आदेश के अनुसार, इस कदम से महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और अत्यधिक आबादी वाले क्षेत्रों के पास हवाई स्थानों को सुरक्षित करने के लिए मौजूदा स्थिति में किसी भी भ्रम से बचने में मदद मिलेगी.

बता दें कि जिले में सक्रिय किसी भी ड्रोन को पंजीकृत करने की आवश्यकता होगी. आदेश में कहा गया है कि ड्रोन के मालिक और उसके ऑपरेटर ड्रोन के गलत संचालन या खराबी या अन्यथा के कारण व्यक्ति या संपत्ति को हुए सभी नुकसान के लिए उत्तरदायी होंगे.

बता दें कि रविवार की तड़के भारतीय वायुसेना स्टेशन जम्मू पर दो बम गिराए गए, जिससे दो कर्मियों को मामूली चोटें आईं. विस्फोट सुबह करीब 1.40 बजे एक दूसरे से छह मिनट के भीतर हुए। पहला धमाका जम्मू के बाहरी इलाके में सतवारी इलाके में भारतीय वायुसेना द्वारा संचालित हवाई अड्डे के तकनीकी क्षेत्र में एक मंजिला इमारत की छत से हुआ। दूसरा जमीन पर पड़ा था.