कथित तौर पर सांप्रदायिक नफरत फैलाने के आरोप में ट्विटर इंडिया के प्रबंध निदेशक मनीष माहेश्वरी के खिलाफ दिल्ली पुलिस साइबर सेल के शिकायत दर्ज की गई है. अधिवक्ता आदित्य सिंह देशवाल द्वारा दायर की गई शिकायत और दिल्ली पुलिस के डीसीपी साइबर सेल को संबोधित करते हुए ट्विटर कम्युनिकेशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मनीष माहेश्वरी, एमडी, ट्विटर इंडिया, शगुफ्ता कामरान, ट्विटर इंडिया के सार्वजनिक नीति प्रबंधक के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की मांग की है.

अधिवक्ता ने नास्तिक गणराज्य के हैंडल द्वारा साझा की गई देवी काली की एक तस्वीर का हवाला दिया और कहा कि ट्विटर उपयोगकर्ताओं द्वारा पोस्ट की गई सामग्री न केवल अपमानजनक थी, बल्कि झुंझलाहट, असुविधा, खतरा, बाधा, अपमान, चोट, आपराधिक धमकी देने के उद्देश्य से पोस्ट की गई है.  साथ ही अधिवक्ता ने कहा यहां यह उल्लेख करना भी अनुचित नहीं होगा कि ये पोस्ट उक्त उपयोगकर्ता द्वारा जानबूझकर, हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए हमारी धार्मिक मान्यताओं का अपमान करने के लिए डाली गई हैं.

अपनी शिकायत में, अधिवक्ता ने कहा, “ट्विटर जो कि आर्मिन नवाब और नास्तिक गणराज्य की मिलीभगत से एक माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट/प्लेटफ़ॉर्म है, जुलाई 2011 से इस ईशनिंदा सामग्री को दिखा रहा है.  नास्तिक गणराज्य का उपयोगकर्ता प्रोफ़ाइल हिंदू धर्म के बारे में इस तरह की ईशनिंदा सामग्री से भरा है.

वहीं दूसरी ओर, ट्विटर ने एक महत्वपूर्ण सोशल मीडिया इंटरमीडियरी (SSMN) के रूप में ऐसी सामग्री को हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है, लेकिन भारतीय कानूनों का घोर उल्लंघन करते हुए अपराध के एक सहयोगी के रूप में काम कर रहा है और इस तरह की निन्दा और अपमानजनक सामग्री दिखा रहा है.   अधिवक्ता ने कहा कि ट्विटर अपने मंच के माध्यम से जानबूझकर हिंदू धर्म के बारे में अभद्र भाषा को बढ़ावा दे रहा है. जो कि भारतीय दंड संहिता, 1860 के प्रावधानों का उल्लंघन है, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 79 के आलोक में जानबूझकर कोई कार्रवाई नहीं की गई है.  वहीं अधिवक्ता ने अपनी शिकायत में नामजद सभी आरोपियों के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया है और दिल्ली पुलिस से उन्हें गिरफ्तार करने का आग्रह किया है ताकि अपराध को आगे बढ़ने से रोका जा सके.