दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानून के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन को सात महीने हो चुके हैं. इसी बीच बुधवार सुबह गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई. वहीं जानकारी के मुताबिक करीब सुबह 10 बजे बीजेपी के कुछ कार्यकर्ता बीजेपी नेता अमित वाल्मीकि के स्वागत में आंदोलन स्थल के पास मौजूद थे, जहां ढोल नगाड़े के साथ उनका स्वागत किया जा रहा था. उसी दौरान किसानों ने भी इस बात पर आपत्ति जताई और उनको काले झंडे दिखाना शुरू कर दिए. देखते ही देखते दोनों गुटों की बीच मारपीट शुरू हो गई.

बता दें कि किसानों का आरोप है कि बीजेपी के कुछ कार्यकर्ता आंदोलन स्थल पहुंच किसानों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे, तभी किसानों और उनके बीच मारपीट हुई. किसानों द्वारा ये भी कहा जा रहा है कि, भाजपा कार्यकता गाली-गलौच कर रहे थे. किसानों ने इसपर अप्पति जताई तो उन्होंने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. जिसके बाद ये घटना हुई. 

वहीं भारतीय किसान यूनियन के यूपी अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन का कहना है कि बीजेपी के कुछ कार्यकर्ता झंडे लेकर आंदोलन स्थल पहुंचे हुए थे. उसी दौरान किसानों के बीच मारपीट हुई, हम पुलिस को इस घटना की शिकायत देंगे. हमारे ऊपर आक्रमण हो और हम शिकायत न दें, ऐसा नहीं हो सकता.

गाजियाबाद इंदिरापुरम के सीओ अंशु जैन ने बताया, बॉर्डर पर धरना पहले से ही चल रहा है. बीजेपी के एक नेता का काफिला आंदोलन स्थल से गुजर रहा था, उन्ही के स्वागत में कुछ कार्यकर्ता यहां मौजूद थे. किसानों और उनके बीच ये विवाद हुआ. एक दो गाड़ियों के साथ तोड़फोड़ हुई है.

तो वही भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि बीजेपी के कार्यकर्ता मंच पर कब्जा करना चाहते थे. यह लोग यहां बीते कई दिनों से आ रहे हैं और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. राकेश टिकैत ने कड़े लहजे में कहा कि बीजेपी के किसी भी कार्यकर्ता को प्रदेश में नहीं जाने दिया जाएगा. गांवों में बीजेपी के झंडे लगी गाड़ियों को नहीं चलने दिया जाएगा. राकेश टिकैत ने कहा कि अगर किसानों का मंच इतना पसंद है तो पार्टी को छोड़ कर आ जाएं किसान संगठन उनका स्वागत करेंगे. साथ ही उन्होंने हंगामा और मारपीट करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है.

वहीं इस घटना के बाद गाजियाबाद एसएसपी कार्यालय पर बीजेपी कार्यकर्ता ने जाम लगा दिया है. कहा जा रहा है कि किसानों द्वारा बीजेपी कार्यकर्ता की गाड़ी में तोड़फोड़ करने के विरोध में ये जाम लगाया गया है.