आपने भी कुछ दिन पहले वो वायरल वीडियो देखा होगा जिसमें उत्तर प्रदेश के आगरा में श्री पारस अस्पताल के मालिक डॉ. अरिंजय जैन ने पांच मिनट तक मरीजों के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई रोकने का दावा किया था. वीडियो के वायरल होते ही प्रशासन हरकत में आया और इस मामले में जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने अस्पताल को सील करने और अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे. खबरों में कहा गया था कि इस घटना में कई लोगों की मौत हो गई थी. लेकिन अब उसी पारस अस्पताल को यूपी सरकार ने क्लीन चिट दे दी है.

यूपी सरकार की डेथ ऑडिट कमेटी ने कहा कमेटी ने कहा कि 16 में से 14 मरीज अन्य बीमारियों से ग्रसित थे. दो अन्य मरीजों की हालत काफी गंभीर थी. वे चेस्ट इंफेक्शन से जूझ रहे थे. कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सभी मरीजों का कोविड प्रोटोकॉल के तहत इलाज चल रहा था और चश्मदीदों से बात करने के बाद पता चला कि किसी भी मरीज की ऑक्सीजन सप्लाई बंद नहीं की गई थी.

कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, जांच अधिकारी ने पाया कि 25 अप्रैल को अस्पताल को 149 ऑक्सीजन सिलेंडर, जिसमें से 20 रिजर्व थे और 26 अप्रैल को 121 सिलेंडर जिसमें से 15 रिजर्व थे, दिए गए थे. समिति ने अस्पताल के मालिक अरिंजय जैन ने उन्हें जो बताया, उसका हवाला देते हुए कहा कि कथित ऑक्सीजन स्टॉक वहां भर्ती मरीजों के लिए पर्याप्त पाया गया.

साथ ही अस्पताल के मालिक का हवाला देते हुए कमेटी ने कहा, ‘ये बिल्कुल झूठ है कि मरीजों की जान गई. ऑक्सीजन सप्लाई बंद करने से जुड़ी कोई मॉक ड्रिल नहीं की गई. किसी की भी ऑक्सीजन सप्लाई बाधित नहीं की गई और इसका कोई सबूत नहीं है. अफवाह भ्रामक है, नहीं तो 26 अप्रैल की सुबह 7 बजे 22 मौतें हो जातीं.

बता दें कि अस्पताल का वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा मच गया था और सरकार ने भी तुरंत एक्शन लेते हुए पारस अस्पताल को सीज कर दिया था. हालांकि वायरल वीडियो के बाद अस्पताल के मालिक ने सफाई पेश करते हुए कहा था कि ऑक्सीजन की कमी से किसी मरीज की मौत नहीं हुई.