दिल्ली में राशन की डोर टो डोर डिलीवरी की योजना को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र पर निशाना साधा है. केजरीवाल ने कहा दिल्ली में अगले हफ्ते से घर-घर राशन पहुंचाने का काम शुरू होने वाला था, लेकिन अचानक केंद्र ने हमें रोक दिया. ये कहकर उन्होंने योजना खारिज कर दी कि हमने केंद्र से अनुमति नहीं ली, लेकिन ये गलत है. हमने केंद्र से पांच बार अनुमति ली है.

साथ ही केजरीवाल ने कहा कि पिछले 75 साल से इस देश की गरीब जनता राशन माफियाओं का शिकार होती रही है. मैंने साल 2008 में इन माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाई थी. नतीजा ये हुआ कि हम पर सात बार हमला हुआ था. हमारी एक बहन का गला काट दिया था, लेकिन उसकी जान बच गई थी. तब मैंने राशन माफियाओं को खत्म करने की कसम खाई थी. तब कभी नहीं सोचा था कि मैं एक दिन मुख्यमंत्री बनूंगा. अगर घर-घर राशन की योजना लागू हो जाती है तो माफियाओं का राज खत्म हो जाएगा.

बता दें कि दिल्ली सरकार के मुताबिक इस योजना के तहत, प्रत्येक राशन लाभार्थी को 4 किलो गेहूं का आटा (आटा), 1 किलो चावल और चीनी अपने घर पर प्राप्त होगा, जबकि वर्तमान में 4 किलो गेहूं, 1 किलो चावल और चीनी उचित मूल्य की दुकानों से मिलता है. योजना के तहत अब तक बांटे जा रहे गेहूं के स्थान पर गेहूं का आटा दिया जाता और चावल को साफ किया जाता, ताकि अशुद्धियों को दूर कर वितरण से पहले राशन को साफ-सुथरा पैक किया जा सके.