कोरोना वायरस की दूसरी लहर के मद्देनज़र केंद्र सरकार ने सीबीएसई की परिक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया है. वहीं  केंद्र के इस फैसले के बाद गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों ने 10वीं और 12वीं की परिक्षाएं रद्द करने का एलान किया है. इस मामले पर कई दिन से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी. आज केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट को सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा रद्द करने की आधिकारिक जानकारी देगी.

वहीं ICSE को भी आज सुप्रीम कोर्ट में बताना है कि क्या वह भी CBSE की तरह परीक्षा रद्द कर रहा है. इसके अलावा राज्य शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं को भी रद्द करने की मांग कोर्ट में उठ सकती है. सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की परीक्षाएं रद्द होने के बाद अब राज्य बोर्ड की परीक्षाओं को रद्द करने की उठ रही मांग के बीच कई राज्यों ने 12वीं की परीक्षा रद्द कर दी हैं. इनमें हरियाणा, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तराखंड शामिल हैं. जबकि राजस्थान ने 12वीं के साथ 10वीं की परिक्षाएं भी रद्द कर दी हैं.

बता दें कि सीबीएसई 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं रद्द होने के बाद अब सभी की नजरें मूल्यांकन प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं. छात्र यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि आखिर मूल्यांकन किस आधार पर किया जाएगा.

वहीं जानकारी के मुताबिक, 12वीं के छात्रों का मूल्यांकन पिछली 2 कक्षाओं (10वीं और 11वीं) की अंतिम परीक्षाओं और 12वीं की आंतरिक परीक्षाओं में प्रदर्शन के आधार पर हो सकता है. तो वहीं या फिर कक्षा 10वीं के बोर्ड के परिणाम को कुछ वेटेज दिया जा सकता है और कुछ वेटेज कक्षा 12वीं के आंतरिक मूल्यांकन को दिया जाएगा. अब देखना ये होगा कि परीक्षाएं रद्द होने के बाद किस तरह छात्रों का मूल्यांकन किया जाएगा.