यूपी के उन्नाव जिले के ग्रामीण इलाकों में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिसका असर अब गंगा किनारे के घाटों पर देखने को मिलने लगा है. यूपी के कई जिलों में नदियों में शव बहाए जाने के बाद अब उन्नाव में गंगा नदी के किनारे रेत में कई शव दफन कर दिए गए हैं. शव मिलने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन की टीम यहां पहुंची, जिसके बाद यहां रेत में कई शव दफन मिले.

वहीं इस घटना को लेकर जिलाधिकारी ने कहा, हमारी टीम को गंगा नदी से दूर रेत में कई शव दफन मिले हैं. अभी और शवों की तलाश की जा रही है. ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

बता दें कि उन्नाव के ग्रामीण इलाकों में एक के बाद एक संदिग्ध परिस्थितियों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौत हो रही है. मरने वालों में से ज्यादातर को खांसी, बुखार और सांस लेने में दिक्कत हुई और बाद में मौत हो गई. इस तरह से मरने वालों की संख्या ग्रामीण इलाक़ो में ही हज़ारों में होगी. उन्नाव के रौतापुर घाट पर ही एक माह में करीब 300 शवों का दफनाकर अंतिम संस्कार किया गया. आलम ये हैं कि अब यहां, शव दफनाने की जगह गंगा की रेती में नहीं बची है. अब सिर्फ एक पट्टी, जिस पर शवों को जलाकर अंतिम संस्कार किया जाता है, बची है. इसके अलावा आसपास के खेतों में भी कुछ लोग देरसबेर शवों को दफना जाते हैं

उधर दूसरी तरफ मंगलवार रात बलिया में गंगा नदी के तटवर्ती इलाके से सात और शव मिले हैं. इसके साथ ही नदी से निकाले गए शवों की कुल संख्या 52 हो गई है. एक अधिकारी ने बताया कि नदी में मिल रहे शवों के कोविड संक्रमित होने की आशंका के मद्देनजर तटवर्ती इलाकों में संक्रामक रोग के प्रसार को रोकने के लिए प्रशासन की तरफ से शवों का तत्काल अंतिम संस्कार करा दिया गया है.

वहीं अब नदियों में सैकड़ों शव मिलने की घटना पर सीएम योगी ने संज्ञान लिया है. सीएम ने कहा कि अंत्येष्टि की क्रिया मृतक की धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप सम्मान के साथ की जाए. उन्होंने कहा कि किसी भी मृतक की अंत्येष्टि के लिए जल प्रवाह की प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल नहीं है. अंत्येष्टि क्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से आवश्यक वित्तीय सहायता भी दी जा रही है.