देशभर में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी की वजह से ऑक्सीजन की किल्लत का सामना मरीजों को करना पड़ रहा था. ऑक्सीजन की किल्लत की वजह से उत्तर प्रदेश सरकार भी काफी परेशान थी. वही उत्तर प्रदेश के सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में बने ऑक्सीजन प्लांट लंबे समय से बंद पड़ा था ऑक्सीजन प्लांट को फिर से चालू करने के लिए सेना के 10 जवानों को मेडिकल यूनिवर्सिटी भेजा गया जहां पर उन्होंने ऑक्सीजन प्लांट को फिर से शुरू किया, और ऑक्सीजन का संचालन फिर से शुरू हुआ.

बता दें कि इटावा जनपद के सैफई इलाके में बने मेडिकल यूनिवर्सिटी में समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में ऑक्सीजन प्लांट को बनवाया गया था. जिससे मरीजों को समय पर ऑक्सीजन मिल सके लेकिन ऑक्सीजन प्लांट लंबे समय से खराब पड़ा था, और ऐसे में कोरोना के मामले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे थे सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति राजकुमार को मेडिकल यूनिवर्सिटी में आने वाले कोरोना के मरीजों के लिए ऑक्सीजन का इंतजाम गाजियाबाद से करवाना पड़ रहा था.

वहीं मेडिकल यूनिवर्सिटी में कोरोना काल में आने वाले मरीजों को रोजाना 9000 लीटर प्रतिदिन ऑक्सीजन दी जा रही थी. लेकिन फिर भी ऑक्सीजन की किल्लत बनी हुई थी. कुलपति के कड़े प्रयासों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश के बाद सेना के 10 जवानों को सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी भेजा गया जहां पर सेना के जवानों ने दिन-रात एक करके खराब पड़े ऑक्सीजन प्लांट को फिर से चालू किया. ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने से 50 फ़ीसदी ऑक्सीजन की मांग पूरे होने की उम्मीद है. वही ऑक्सीजन की सप्लाई अन्य जनपदों में भी की जाएगी अब उत्तर प्रदेश के कई जिलों को ऑक्सीजन की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा.