तमिलनाडु सरकार ने राज्य में कोरोना मामलों में इजाफे को देखते हुए 10 मई से दो हफ्ते के लिए संपूर्ण लॉकडाउन लगाने की ऐलान कर दी है. 10 से 24 मई तक तमिलनाडु में पूर्ण लॉकडाउन रहेगा. किराना, राशन, मांस की दुकानें दोपहर 12 बजे तक खोलने की अनुमति है. अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को पहले ई-रजिस्ट्रेशन कराना होगा. पर्यटन स्थलों की यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा. राज्य में एक दिन पहले 26,465 नए संक्रमण के मामले सामने आने के बाद यह आदेश जारी किया गया है.

बता दें कि राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं. शुक्रवार को एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के सर्वाधिक 26,465 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 13 लाख 23 हजार 965 हो गई. बीते 24 घंटे में 197 मरीजों की मौत के साथ ही मृतकों की तादाद 15,171 तक पहुंच गई है. बीते दिन 22,381 लोगों को छुट्टी दे दी गई. राज्य में अब एक्टिव मरीजों की संख्या 1 लाख 35 हजार 355 है. चेन्नई में संक्रमण के 6,738 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 3 लाख 77 हजार 42 हो गई है. शहर में अब तक 5081 मरीजों की मौत हो चुकी है.

वहीं मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एक बयान में कहा कि लॉकडाउन को “अपरिहार्य कारणों” के कारण लागू किया गया. उन्होंने बताया कि यह निर्णय शुक्रवार को जिला कलेक्टरों के साथ हुई एक समीक्षा बैठक में प्राप्त इनपुट के आधार पर लिया गया. लॉकडाउन का निर्णय लेने से पहले चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ भी चर्चा की गई थी.उ न्होंने कहा, संपूर्ण लॉकडाउन 10 मई की सुबह 4 बजे से 24 मई की सुबह 4 बजे तक लागू रहेगा. बता दें कि शुक्रवार को राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद लॉकडाउन की घोषणा एमके स्टालिन का पहला बड़ा निर्णय है.

तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के दौरान कोरोना के मामलों में उछाल देखने को मिला. राज्य में चुनाव प्रचार के दौरान सभी प्रमुख दलों ने रैलियां कीं, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग कहीं नहीं दिखी. मामले को संज्ञान लेते हुए मद्रास उच्च न्यायालय ने सरकार को फटकार भी लगाई थी.