ममता बनर्जी के शपथ वाले दिन ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को हिंसा के लिए दूसरा पत्र लिखा. गृह मंत्रालय ने पूछा कि पिछले महीने हुए चुनावों के बाद हिंसा रोकने के उपायों के बारे में जवाब क्यों नहीं दिया गया. साथ ही केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने अपने दूसरे पत्र में लिखा, ‘मैं आपको याद दिलाता हूं कि मतदान के बाद 3 मई को हुई हिंस के बारे में जानकारी मांगने के बावजूद कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है. इस दूसरे पत्र का गैर-अनुपालन गंभीरता से लिया जाएगा. गृह सचिव ने राज्य सरकार को दो दिन पहले अपना पहला पत्र लिखा था.

बता दें कि अजय भल्ला ने राज्य सरकार से पूछा कि हिंसा को रोकने के लिए पर्याप्त उपाय क्यों नहीं किए गए. उन्होंने लिखा कि ताजा रिपोर्ट है कि राज्य में चुनाव के बाद हिंसा नहीं थमी है. हिंसा को रोकने के लिए तत्काल उपाय किए जाएं और उसी के संबंध में रिपोर्ट तुरंत भेजी जाए. वहीं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी बंगाल में हुई हिंसा का संज्ञान लिया है. आयोग ने डिप्टी आईजी (अन्वेषण) को एक टीम बनाने के लिए कहा है, जो इस मामले की जांच करेगी. आयोग ने टीम को जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है.

इसी के साथ कई अन्य मानवाधिकार संस्थाओं ने भी बंगाल हिंसा पर चिंता जताई है और जांच की मांग की है. BJP और लेफ्ट ने TMC पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया है. उनका आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद TMC कार्यकर्ताओं ने जश्न के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला किया. TMC और बंगाल पुलिस ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरें पुरानी घटनाओं की हैं.

वहीं दूसरी तरफ मंगलवार को BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बंगाल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों को न्याय का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा, ‘ममता जी आपकी पार्टी ने जीत के बाद जो कुछ भी किया, यह ये दिखाता है कि आपके पार्टी कार्यकर्ता लोकतंत्र में कितना विश्वास रखते हैं. आपके नेता कह रहे हैं कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो क्लिप फर्जी हैं. मैं मीडिया से आग्रह करूंगा कि वे देश को सच बताएं.’