देश में कोरोना महामारी के चलते सबसे ज्यादा समस्या अब ऑक्सीजन की आ रही है. जिस तादाद में मरीजों की संख्या बढ़ रही है उतनी पर्याप्त मात्रा में लोगों को ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है. चाहे बड़े अस्पताल हो या छोटे अस्पताल अब संचालकों ने ऑक्सीजन की कमी के चलते लोगों को एडमिट करना भी बंद कर दिया है. इससे हालात और भी भयावह हो गए हैं. अलीगढ़ में भी पिछले काफी दिनों से ऑक्सीजन का संकट चल रहा है. लगातार कोरोना के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है. यहां तक कि एएमयू के मेडिकल कॉलेज में भी ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रही है.

वहीं अब इस स्थिति को देखते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर ने एएमयू के मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का फैसला किया है. इसके लिए एक करोड़ 41 लाख रुपए भी उन्होंने स्वीकृत किए हैं. इससे मेडिकल कॉलेज को तो ऑक्सीजन मिलेगी साथ ही साथ ऑक्सीजन सिलेंडर को भी रिफिल किया जा सकेगा. यह सारी प्रक्रिया तीन से चार हफ्तों के अंदर पूरी हो जाएगी.

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी उमर सलीम पीरजादा ने बताया कि जिस तरह से हमने देखा कि कोविड-19 का दूसरा चरण फिर से आया है. जिससे ऑक्सीजन की सप्लाई में कमी हुई है. इसलिए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी प्रशासन जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन प्लांट लगाएगा. इसके लिए वाइस चांसलर प्रोफेसर तारिक मंसूर ने एक करोड़ 41 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं. इससे यह फायदा होगा कि प्रोडक्शन ही नहीं ऑक्सीजन सिलेंडर की रिफिलिंग भी की जाएगी और इस प्लांट के इंस्टॉलेशन का प्रोसेस लगभग 3 से 4 हफ्ते में पूरा हो जाएगा. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी इस आपदा के समय में लोगों के साथ खड़ी हैं.