देश में लगातार कोरोना का कहर जारी है, और अब रोजाना 3 लाख के अधिक कोरोना संक्रमण मामले सामने आ रहे हैं. जहां शुक्रवार को देश में 3 लाख से ज्यादा नए कोरोना केस सामने आए थे, वहीं इस दौरान 2,263 लोगों की मौत भी हो गई. महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में ऑक्सीजन जैसी जरूरी चीजों की भारी किल्लत के चलते स्थिति भयावह हो गई है. हालांकि इस बीच राहत देने वाली बड़ी खबर सामने आई है. जहां झारखंड के बोकारो से कल चली दूसरी ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस’ टेंकर्स उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंच गई है. पिछले कई दिनों से ऑक्सीजन की कमी से अस्पताल बेहाल हैं.

बता दें कि रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सुनीत शर्मा ने बताया है कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस’ ट्रेनों के प्रत्येक टैंकर में लगभग 16 टन चिकित्सीय ऑक्सीजन ले जाई जा सकती है और ये ट्रेन 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हैं. इस तरह की पहली ट्रेन 19 अप्रैल को सेवा में आई थी जब ऑक्सीजन भरने सात ट्रक मुंबई से विशाखापत्तनम रवाना हुए थे. इन ट्रकों को ट्रेन में लादकर इनके गंतव्यों तक भेजा गया था.

वहीं आधिकारिक जानकारी के मुताबिक लखनऊ में लाए गए ऑक्सीजन टैंकर अलग से लोगों को अस्पतालों के लिए राहत देगा क्योंकि यह अलग से रखे जाएंगे. इन्हें अलग से ऑक्सीजन फिलिंग सेंटर में भेजे जा रहे हैं. हालांकि लखनऊ के अस्पतालों को ऑक्सीजन की दिक्कत नहीं है. सभी अस्पतालों को ऑक्सीजन दी जा रही है. ऑक्सीजन का डिस्ट्रीब्यूशन व्यवस्थित किया जा रहा है और इन टैंकरों से मदद मिलेगी.

इसी के साथ अधिकारियों ने बताया कि चार और टैंकर जल्द लखनऊ पहुंचने वाले हैं हालांकि दूसरे स्रोतों से भी लिक्विड ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है. अधिकारियों के मुताबिक कोशिश यह है कि जिन्हें जरूरत है और जिनके पास इमरजेंसी है उन्हें पहले राहत पहुंचाई जाए.