मुंबई पुलिस ने वाहनों के लिए कलर कोडेड स्टिकर्स का नियम अब वापस लिए लिया है मुंबई पुलिस ने कहा है कि रेड, येलो और ग्रीन कलर के इमरजेंसी स्टिकर का कैटिगराइजेशन समाप्त कर दिया गया है, लेकिन वाहनों की जांच जारी रहेगी. सभी गैर-जरूरी और नॉन-इमरजेंसी वाहनों की आवाजाही के नियम पहले की तरह लागू रहेंगे. बता दें कि मुंबई पुलिस ने पहले कर्फ्यू के दौरान निजी कारों की आवाजाही की अनुमति देने के लिए तीन कलर कोडेड स्टिकर जारी किए थे.

जहां कलर-कोडेड स्टिकर स्कीम के तहत, डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति में लगे वाहनों के लिए लाल स्टिकर का इस्तेमाल करना होता था. तो वहीं फूड, सब्जियां, फल, किराने का सामान, डेयरी उत्पाद आदि के परिवहन में लगे वाहन हरे रंग के स्टिकर का उपयोग करते थे. वहीं इन दोनों कैटेगरी के अलावा अन्य आवश्यक कैटेगरी में आने वाले कर्मचारियों, जैसे कि नगरपालिका के अधिकारी, बिजली विभाग के कर्मचारी, बैंक कर्मचारी, वकील, प्रेस और टेलीफोन विभाग को अपने वाहनों पर येलो कलर के स्टिकर लगाने के लिए कहा गया था.

बता दें कि मुंबई पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपने घरों से बाहर निकलने से पहले इस तरह के स्टिकर लगाने का अनुरोध किया था. पुलिस ने कुछ विशेष जंक्शनों पर ऐसे स्टिकर वितरित भी किए थे. कलर- कोडेड स्टिकर स्कीम ने मुंबईकरों के बीच कुछ कंफ्यूजन भी पैदा कर दिया था कि किस श्रेणी के लोगों के लिए किस स्टिकर का उपयोग किया जाए. हालांकि मुंबई पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल पर स्टिकर के रंग के बारे में लोगों को गाइड किया था.