जहां देश में बढ़ते कोरोना मामलों ने राज्य सरकार और लोगों की चिंता बढ़ा दी हैं, वहीं बंगाल चुनावों को लेकर भी देश में काफी चर्चा हो रही हैं, क्योंकि इस माहौल में भी नेता बंगाल पर ही ध्यान केंद्रित किए हुए हैं. बता दें कि महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के “पीएम मोदी बंगाल में व्यस्त” होने के तंज पर अब कोरोना की चिंता छोड़ केंद्रीय मंत्रियों ने उद्धव ठाकरे पर जवाबी हमला बोला है. जबकि ठाकरे का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब दो दिन पहले उन्होंने देश के दूसरे हिस्से से मेडिकल ऑक्सीजन हवाई मार्ग से मंगाने की अनुमति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था. ठाकरे ने समाज के गरीब वर्ग के लिए वित्तीय सहायता देने की बात भी कही थी. हालांकि महाराष्ट्र के सीएम और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के बीच शनिवार को बातचीत हुई थी

आपको बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने उन खबरों पर जवाब दिया, जिनमें कहा गया है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी को लेकर पीएम मोदी से बात करने का प्रयास किया था, लेकिन उनके बंगाल में व्यस्त होने के कारण यह अनुरोध ठुकरा दिया गया. जिसके जवाब में डॉ. हर्षवर्धन ने ट्वीट कर कहा, मैंने उद्धव ठाकरे से संपर्क साधा और कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में पर्याप्त और निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति का भरोसा दिया था. इसी के तहत केंद्र 1121 वेंटिलेटर भी भेज रहा है. वहीं इससे पहले रेल मंत्री पीय़ूष गोयल ने उद्धव ठाकरे पर सतही राजनीति करने और उनकी सरकार को अकुशल और भ्रष्ट करार दिया था.

जहां रेल मंत्री पीय़ूष गोयल ने कहा कि महाराष्ट्र को अब तक सबसे ज्यादा ऑक्सीजन दी गई है. केंद्र सरकार लगातार उनके संपर्क में है. एक दिन पहले ही पीएम मोदी ने केंद्र और राज्यों से साथ मिलकर काम करने को कहा था. दुख की बात है कि उद्धव ठाकरे ने बेहद सतही राजनीति का प्रदर्शन किया है. गोयल ने दावा कि देश में ऑक्सीजन का उत्पादन 110 फीसदी की क्षमता से हो रहा है.

हालांकि कोरोना से जंग लड़ने के लिए देश को एकजुट रहें कि जरुरत है, लेकिन ऐसे में भी ये नेता अपनी दुशमनी निभाना नहीं भुल रहै. जहां कोरोना के चलते देश की जनता चारो तरफ से परेशानियों से घिरी हुई है, वहीं इन नेताओं की एक-दूसरे के खिलाफ बयान बाजी लगातार चल रही है. ऐसे में कोरोना को हराना कैसे मुमकिन है