पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए आज पांचवें चरण में 45 सीटों पर मतदान होगा. जहां उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के छह जिलों की 45 सीटों पर 342 प्रत्याशियों की राजनीतिक किसमत का फैसला मतदाता करेंगे. इस चरण में कुल 1.13 करोड़ मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे. वहीं सिलीगुड़ी के महापौर अशोक भट्टाचार्य, राज्य के मंत्री ब्रत्य बुस और भाजपा के समिक भट्टाचार्य जेसे बड़े चहरे अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. उत्तरी 24 परगना के 16, पूर्ब बर्धमान और नादिया के 8-8, जलपाईगुड़ी के सात, दार्जिलिंग के पांच और कलिम्पोंग जिले के एक विधानसभा क्षेत्र में 17 अप्रैल को 15,789 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 6.30 बजे तक मतदान होगा.

वहीं मतदान को देखते हुए बंगाल के छह जिलों की 45 सीटों पर बड़ी संख्य में फोर्स लगाई गई है. इसमें बारासात 69 कंपनी, बैरकपुर 61, बसीरहाट 107, विधाननगर 46 , दार्जीलिंग -68 , जलपाईगुड़ी जिला 122, कालिम्पोंग 21, कृष्णानगर 11, पूर्वी बर्दमान 155, रानाघाट 140 और सिलीगुड़ी 53कंपनी तैनात की गई है. बता दें कि निर्वाचन आयोग ने चौथे चरण में कूचबिहार में हिंसा में हुई मौतों के मद्देनजर निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की कंपनियां तैनात की हैं. राज्य में 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए आठ चरणों में चुनाव कराए जा रहे हैं. पहला चरण 27 मार्च को था और आखिरी चरण 29 अप्रैल को है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण में आज 45 सीटों के लिए होने वाले मतदान के लिए चुनाव प्रचार बुधवार शाम को ही थम गया था.

बता दें कि कोरोना के बढ़ते मामलों की पृष्ठभूमि में निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार को राजनीतिक दलों के चुनाव प्रचार पर कुछ पाबंदियां लगायी हैं. आयोग के आदेश के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने रोजाना प्रचार खत्म होने का समय घटाकर शाम सात बजे तक कर दिया है. पहले रात 10 बजे तक चुनाव प्रचार किया जा सकता था. वहीं मतदान से पहले चुनाव प्रचार समाप्त होने की समय सीमा भी 48 घंटों से बढ़ाकर 72 घंटे कर दी गई है.

साथ ही आपको ये भी बता दें कि कोरोना के बीच 11 राज्यों की दो लोकसभा सीटों और 13 विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव के तहत आज ही मतदान होना है. लोकसभा सीट की बात करें तो कर्नाटक की बेलगाम और आंध्र प्रदेश की तिरुपति सीट पर मतदान होगा. जबकि जिन विधानसभा सीटों पर आज मतदान होगा उनमें मध्य प्रदेश की दमोह, राजस्थान की सहारा, सुजानगढ़ और राजसमंद, गुजरात की मोरवा हदफ, महाराष्ट्र की पंढरपुर, उत्तराखंड की सल्ट, झारखंड की मधुपुर, कर्नाटक की बसवकल्याण और मस्की, मिजोरम की सेरछिप, नागालैंड नोकसेन, तेलंगाना की नागार्जुन सागर है.