टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को कूचबिहार जिले के सीतलकूची में चौथे चरण के मतदान के दौरान सीआईएसएफ कर्मियों की गोलीबारी में चार व्यक्तियों के मारे जाने को लेकर शाह से इस्तीफे की मांग की थी. जिसके बाद शाह ने उत्तर 24 परगना जिले के बसीरहाट में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘दीदी मेरा इस्तीफा मांग रही हैं. यदि पश्चिम बंगाल के लोग यह मांग करें तो मैं इस्तीफा दे दूंगा, मैं अपना सिर झुकाकर ऐसा करने के लिए तैयार हूं. हालांकि, ममता को दो मई को मुख्यमंत्री का पद छोड़ना होगा.

जहां शाह ने बनर्जी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह अवैध प्रवासियों के तुष्टिकरण के लिए संशोधित नागरिकता कानून का विरोध कर रही हैं. शाह ने दावा किया कि अवैध प्रवासी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाते हैं और दंगों में लिप्त होते हैं. साथ ही उन्होंने कहा यदि मतुआ समुदाय के लोगों को नागरिकता मिल जाए तो दीदी को क्या दिक्कत है? उनकी समस्या यह है कि अवैध प्रवासी नाराज हो जाएंगे. ऐसे लोगों को अब राज्य पर शासन करने का अधिकार नहीं है. अवैध प्रवासी मुफ्त राशन जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाते हैं लेकिन दंगों में लिप्त होते हैं.

शाह ने कहा कि भाजपा बांग्लादेश से अवैध प्रवासियों के आने पर पूरी तरह से रोक लगा देगी और राज्य में सरकार बनाने के बाद सीएए के खिलाफ विधानसभा में पारित प्रस्ताव वापस लेगी. उन्होंने लाभार्थियों को 10,000 रुपये की वार्षिक सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री शरणार्थी कल्याण कोष शुरू करने का वादा भी किया.बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए आठ चरणों में चुनाव होने के बाद दो मई को मतगणना होगी.