पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स को संबोधित करते हुए कहा, कि सभी बाहरी लोगों- ने गोलीबारी की है. नियम हैं कि पहले लाठी -डंडे चलाए जाएं, फिर आंसू गैस के गोले छोड़े जाएं या पानी की बौछारें छोड़ी जाएं.. यही नियम हैं. मैं इसके साथ राजनीति नहीं करना चाहती. मैं शुरू से कह रही हूं कि वे लोगों को भयभीत कर रहे हैं और उन्हें वोट देने से मना कर रहे हैं. लोगों को मतदान करने की अनुमति दी जानी चाहिए. मतदान ही उसका मुंहतोड़ जवाब है.

साथ ही सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि वो चुनाव आयोग द्वारा इस क्षेत्र के राजनीतिक नेताओं पर प्रतिबंध लगाने के आदेश की वजह से मौके पर नहीं जा सकीं लेकिन उन्होंने कुछ शोक संतप्त परिवारों के साथ वीडियो कॉल के जरिए बात भी की. बता दें कि एक दिन पहले भी ममता बनर्जी ने कूच बिहार में गोलीबारी में चार लोगों की मौत के संदर्भ में केंद्रीय बलों द्वारा “आत्मरक्षा में” यह कदम उठाये जाने की दलील पर सवाल खड़ा किया था और कहा था कि उनकी सरकार इस घटना की सीआईडी जांच कराएगी. बनर्जी ने कहा कि केंद्रीय बलों के दावे के पक्ष में कोई भी वीडियो फुटेज या अन्य कोई सबूत नहीं हैं.

वहीं जानकारी के मुताबिक, निर्वाचन आयोग के विशेष पुलिस पर्यवेक्षक विवेक दुबे द्वारा दी गई शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 350-400 लोगों की भीड़ ने केंद्रीय बलों को घेर लिया जिसके बाद उन्होंने “आत्म-रक्षा” में गोली चलाई. वहीं उत्तर बंगाल के सबसे बड़े शहर सिलीगुड़ी में संवाददाताओं से बात करते हुए बनर्जी ने कहा कि यह बात आत्म रक्षा में गोली चलाने की कहां से आयी. उनकी तरफ से कौन घायल हुआ? क्या कोई फुटेज है? लोगों की हत्या करने के बाद वे अपनी इस हरकत का बचाव कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस घटना से जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाने के लिए सीआईडी जांच करायी जाएगी.