प्रशासन ने तहसील इगलास के गांव बांस बली में ईंट भट्ठा पर बड़ी कार्रवाई करते हुए ईट भट्टा पर बंधक बनाकर रखे गए 127 बंधुआ मजदूरों को आजाद कराया गया है. जो ईंट भठ्ठे पर परिवार सहित मजदूरी का काम करतें हैं. 29 मार्च को इस भट्ठा के कार्यालय में एक दलित मजदूर की बेटी के साथ संचालक के बेटे के साले ने दुष्कर्म किया था. पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.

वहीं मजदूरों नई दिल्ली के एक एनजीओ से शिकायत की थी कि भठ्ठा स्वामी द्वारा उन्हें बंधक बनाकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है. वही इस एनजीओ ने ह्यूमेन राइट कमीशन में शिकायत करते हुए मजदूरों बंधक मुक्त कराने की मांग की. ह्यूमेन राइट कमीशन ने जिलाधिकारी अलीगढ़ चंद्रभूषण सिंह को सारे मामले से अवगत कराया. वहीं जिलाधिकारी के आदेशनुसार उपजिलाधिकारी इगलास ने मौके पर तहसीलदार इगलास व नायब तहसीलदार इगलास ने श्रम परिवर्तन अधिकारी और कोतवाली पुलिस के साथ भठ्ठे पर पहुँचकर मजदूरों को बंधक मुक्त कराया. इस दौरान नई दिल्ली से अलीगढ़ आई एनजीओ की टीम भी मौके पर मौजूद रही.

बता दें कि इगलास के गोरई इलाके के गांव बांसबली में जिला प्रशासन के द्वारा एक ईंट भट्ठा पर कार्रवाई की गई. जहा जिला प्रशासन ने ईंट भट्ठा से 127 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया गया है. जहा ईट भट्ठे पर मजदूरी करने वाले मजदूरों ने इस भट्ठा संचालक पर अपने आप को बंधक बना ईट भट्टे पर बंधुआ बनाकर रखने के साथ मजदूरों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए दिल्ली की एक एनजीओ जस्टिस रेंचर आफ इंडिया से मजदूरों के द्वारा भट्टा संचालक की शिकायत की गई थी.

वहीं 29 मार्च को इसी श्री राधा ईंट उद्योग भट्टा पर दलित मजदूर की एक दलित किशोरी के साथ भट्टा संचालक के बेटे के साले ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था. किशोरी संग दुष्कर्म के आरोपी युवक को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया था.

श्रम प्रर्वतन अधिकारी मनोज कुमार ने कहा गांव बांस बली में श्री राधा ईंट उद्योग के नाम से एक भट्ठा है. इस भट्टे पर मजदूरी करने वाले बिहार के मजदूरों ने दिल्ली में एक एनजीओ जस्टिस रेंचर आफ इंडिया से भट्टा संचालक की शिकायत की थी. भट्टे पर मजदूरी करने वाले मजदूरों का आरोप था कि भट्ठा संचालक उनको समय से उनके रुपयों का भुगतान नहीं करता और अपना भुगतान मांगने पर भट्टा संचालक गाली गलौज करता है। मजदूर भट्ठा मालिक के इस उत्पीड़न से बहुत परेशान हैं.