पैगंबर मोहम्मद पर महंत यति नरसिंह आनंद ने दी गई अपनी टिप्पणी में कहां था। अगर पैगंबर मोहम्मद का सच दुनिया के मुसलमानों को पता चल जाए तो मुसलमानों को उनके मुसलमान होने पर शर्म आ जायेगी कि वो डकैत लुटेरे बलात्कारी और दल्ले को फॉलो कर रहा था.

बता दें कि यूपी के गाजियाबाद जिले के डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती का पैगंबर मोहम्मद के बारे में विवादित टिप्पणी को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. यति नरसिंहनंद ने पैगंबर मोहम्मद को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है. यति नरसिंह आनंद ने अपने दिये बयान में कहां यदि पैगंबर मोहम्मद का सच दुनिया के मुसलमानों को पता चल जाए तो मुसलमानों को उनके मुसलमान होने पर शर्म आएगी कि वह डकैत लुटेरे बलात्कारी और दल्ले को फॉलो कर रहा था.

महंत यति नरसिंह आनंद की इस टिप्पणी के बाद से उनके खिलाफ कई जगह प्रदर्शन भी हो रहे हैं. ऐसे ही आज अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में एएमयू के छात्रों ने एक प्रोटेस्ट मार्च निकालते हुए यति नरसिंहानंद के पोस्टर जलाए और फांसी की मांग की. छात्रों ने यति नरसिंहानंद के पोस्टर को पैरों से भी रौंदा.

साथ ही एएमयू छात्रों ने कहा कि सीधी सी बात है कि पैगंबर मोहम्मद की शान में जिस मनहूस यति नरसिंहानंद ने अनाप-शनाप बोला है उसके खिलाफ छात्रो ने प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन दिया और राष्ट्रपति से मांग की गई है कि इस इंसान को जल्द से जल्द कड़ी सजा होनी चाहिए और ऐसे लोगों के खिलाफ जो लोग किसी भी धार्मिक भावनाओं को आहत करते हैं उन लोगों के खिलाफ एक ऐसा कानून बनाया जाए ताकि इस तरीके से कोई टिप्पणी करने से कोई हिंसा ना फैले.

इस तरह की गतिविधियों से भावनाएं भड़क जाए और आप जिसे फॉलो करते हो अगर उसके बारे में कोई कुछ कहता है तो उसको बुरा लगता है. जिससे की आप अपने गुस्से को काबू नहीं कर पाते। इस बात को ध्यान में रखते हुए गवर्नमेंट ऑफ इंडिया को इसमें संज्ञान लेना चाहिए. और उसमें सख्त कानून बनाना चाहिये.

जिससे की हिंदुस्तान की जो सांप्रदायिकता है वह सांप्रदायिकता बनी रहे. हिंदुस्तान में अब हमें नहीं लगता कि अब सांप्रदायिकता बची है। क्योंकि जैसे एक विशेष समुदाय के लोगों के खिलाफ उल्टा सीधा बोला जाता है और जो बोलता है उसके खिलाफ अगर मुस्लिम समुदाय के लोग कुछ करते हैं तो इस समुदाय के खिलाफ f.i.r. दर्ज की जाती है. और इस समुदाय के लोगो को ही जेलों में डाला जाता है. जिस पर हम लोग इस पर कहना चाहते हैं कि ऐसे कोई भी चीज ना हो जिसकी वजह से हिंदुस्तान में आपसी सौहार्द बिगड़े.

एएमयू के प्रोफेसर वसीम अली ने बताया कि छात्रों ने प्रदर्शन किया है। एक नरसिंह आनंद सरस्वती के खिलाफ. उन्होंने कुछ इस तरह की बातें की है और छात्रों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन दिया है.