दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा के जींद में रविवार को किसान महापंचायत संबोधित किया. किसान आंदोलन को लेकर समर्थन जताते हुए केजरीवाल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को “चाहे कोई भी क़ीमत चुकानी पड़े, अंत तक किसान आंदोलन के साथ रहेंगे, चिंता मत करना दिल्ली में आपका छोरा सीएम है, किसानों की मांगों के सामने बीजेपी और केंद्र सरकार को झुकना पड़ेगा और इनका गुरूर ख़त्म होगा.” उन्होंने कहा, “मैं किसानों के समर्थन में हर कुर्बानी देने को तैयार हूं. मुझे केंद्र सरकार की सजा की परवाह नहीं है.

साथ ही एनसीटी कानून को लेकर केंद्र पर हमला करते हुए केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी के सांसदों ने संसद में कहा कि किसानों का समर्थन करने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सजा दे रहे हैं. बीजेपी वालों को कहना चाहता हूं कि किसान आंदोलन के लिए केजरीवाल की जान भी चले जाएं, हम किसी सजा से नहीं डरते. हर देशभक्त का फर्ज है कि किसान आंदोलन का समर्थन करे, जो किसान आंदोलन के खिलाफ़ है वो देश का गद्दार है और जो किसान आंदोलन के साथ है वो देशभक्त है.

वहीं केजरीवाल ने कहा कि मेरी ज़िंदगी का एक ही सपना है कि भारत को जीते जी नंबर 1 देश बनाना है. 5 साल में दिल्ली बदलकर दिखाई है. भगवान से मेरी सेटिंग है, मुझे इस पृथ्वी से तबतक मौत नहीं आएगी जबतक मैं भारत को दुनिया का नंबर 1 देश न देख लूं.

तो वहीं केजरीवाल बोले 300 से ज्यादा शहीदों की शहादत को नमन, जिन्होंने किसानों के संघर्ष में जान गंवा दी. अब आपकी और मेरी जिम्मेदारी है कि शहादत बेकार नहीं जाए, अंत तक लड़ना है. कल रोहतक में किसानों पर लाठी चार्ज कर दी, जो गलत बात है. जिस देश में किसान का सम्मान नहीं है वो देश प्रगति नही कर सकता है. आज पूरे हरियाणा में चक्का जाम किया है और हम किसानों का समर्थन करते हैं. इस कार्यक्रम में आने वालीं कई बसें चक्का जाम में फंस गई हैं, जाम में फंसे लोगों से माफी चाहूंगा.

साथ ही उन्होंने कहा पंजाब और हरियाणा के किसानों ने देशभर के किसानों का नेतृत्व किया और तीनों काले कानून के खिलाफ आवाज़ बुलंद की. आम आदमी पार्टी, दिल्ली सरकार और अरविंद केजरीवाल आंदोलन की शुरुआत से किसानों के साथ हैं. किसानों पर हरियाणा सरकार ने आंसू गैस के गोले छोड़े और किसान दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचे थे.