देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही हैं. जिसे देखते हुए मंगलवार को सरकार ने कहा कि देश में एक बार फिर कोरोना का खतरा मंडरा रहा है, साथ ही चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य ढांचा भी चरमरा सकता है. वहीं केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को आगाह किया कि अगर तत्काल उपाय नहीं किए गए तो कोरोना संक्रमण के मामलों में मौजूदा उछाल स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को प्रभावित कर सकता है.

इसके साथ ही यह भी बताया कि राजधानी दिल्ली अब 8,032 सक्रिय मामलों के साथ देश के टॉप 10 कोरोना संक्रमित राज्यों में शामिल हो गई है. इस लिस्ट में महाराष्ट्र टॉप पर है. यहां के आठ जिले कोरोना संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित हैं. वहीं कर्नाटक के एक जिले बेंगलुरु शहर में कोरोना का कहर बरप रहा है.

साथ आपको ये भी बता दें कि महाराष्ट्र में मंगलवार को कोरोना संक्रमण के 27,918 नए मामले सामने आए. राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी. विभाग ने बताया कि राज्य में किसी एक दिन में सर्वाधिक मामले दो दिन पहले सामने आए थे, जब 40,414 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी. विभाग ने बताया कि संक्रमण से और 139 मरीजों की मौत होने के साथ ही राज्य में महामारी से मरने वालों की कुल संख्या बढ़ कर 54,422 पहुंच गई है.

वहीं इस बीच नीति अयोग सदस्य-स्वास्थ्य डॉ, वी के पॉल ने कहा कि अब स्थिति बद से बदतर होती जा रही है. यह चिंता का एक गंभीर विषय है. रुझान बताते हैं कि वायरस अभी भी बहुत एक्टिव है और बढ़ रहे मामले हमारे रोकथाम के उपायों को भेद सकता है. जब हम सोचते हैं कि हमने इसे नियंत्रित कर लिया है, तो यह वापस आ जाता है. ये बेहद चिंता की बात है और ऐसे में हम सभी को इसके प्रति सचेत रहना चाहिए.

उधर दूसरी तरफ राज्यों के मुख्य सचिवों को लिखे एक पत्र में, स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी जिलों से कहा है, चाहे वह संक्रमण के मामलों में वृद्धि देख रहे हों या नहीं, संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए क्लियर टाइमलाइन्स और जिम्मेदारियों के साथ एक ‘जिला कार्य योजना’ तैयार की जाए. साथ भूषण ने कहा है कि मामलों में हो रही वृद्धि चिंता का विषय है और यह स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को काफी प्रभावित कर सकता है. ”भूषण ने अपने पत्र में ये भी कहा है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कठोर कदम उठाए जाने की आवश्यकता है.