मेहनत कम और मुनाफा ज्यादा देने वाले ड्रैगन फ्रूट के प्रति लोगों का रुझान बढ़ता जा रहा है. जहां एक बार फसल लगाने के बाद 30 साल तक मुनाफा देने वाले ड्रैगन फ्रूट के प्रति लोगों के खेती करने की ललक को देखते हुए राज्यपाल आनंदी बेन ने मिर्जापुर को ड्रैगन फ्रूट हब घोषित किया है. किसानों के लिए यह दुगना नहीं बल्कि तिगुना से भी ज्यादा मुनाफा देने वाली फसल है.


बता दें कि मैदानी और पहाड़ी क्षेत्र में बसे जिले के किसानों के लिए ड्रैगन फ्रूट एक वरदान बनकर आया है. इसकी खेती के लिए सरकारी स्तर पर विभिन्न योजनाओं का संचालन करते हुए किसानों को प्रेरित किया गया है, उनके बीच मुफ्त ड्रैगन फ्रूट के पौधे का वितरण किया गया. कभी गेहूं व धान की खेती करने वाले किसान अब कई एकड़ जमीन पर ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं. इसे एक बार लगाने के बाद हर साल पलटना नहीं पड़ता बल्कि यह 30 साल तक फल देता है. यह फल भी अपनी गुणवत्ता के चलते अच्छे दामों पर बिकता है. करीब 150 से 200 रुपए किलो बिकने वाले इस फ्रूट की अच्छी मांग होने से किसान भी खुश है .


वहीं सरकारी स्तर पर किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन ब्लॉक स्तर पर किया जाता रहा है. किसानों के उत्साह और फ्रूट के उत्पाद को देखते हुए गत दिनों जिले में आई राज्यपाल आनंदी बेन ने मिर्जापुर को ड्रैगन फ्रूट अब घोषित किया है.