जहां लंबे समय से क्रिप्टोकरेंसी को कानूनी मान्यता दी जाए या उस पर प्रतिबंध लगाया जाए, की बहस चल रही है. वहीं अब इस दिशा में सरकार ने एक सकारात्मक पहल करते हुए कंपनियों के लिए क्रिप्टोकरेंसी में किए जाने वाले उनके हर लेन-देन और निवेश की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया है. बिट्कॉइन

बता दें कि अकाउंटिंग का हिस्सा बनी क्रिप्टोकरेंसी’ कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने कंपनियों के लिए एक वित्त वर्ष में कंपनियों द्वारा क्रिप्टोकरेंसी में किए जाने वाले लेन-देन और निवेश की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया है. जहां इसे एक तरह से क्रिप्टोकरेंसी के रेग्युलेशन की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है. इसी के साथ अकाउंटिंग का हिस्सा बनने के बाद कर नियमों में भी क्रिप्टोकरेंसी को जगह मिलेगी.

वहीं इससे निवेशकों को आसानी होगी, वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज ‘बाइटेक्स’ के संस्थापक और सीईओ मोनार्क मोदी का कहना हे कि अकाउंटिंग का हिस्सा बनाए जाने के बाद निश्चित तौर पर इससे निवेशकों को आसानी होगी. साथ ही इससे यह भी दिखाता है कि भारत दुनिया के साथ कदमताल करते हुए चल रहा है. क्रिप्टोकरेंसी को रेग्युलेशन के दायरे में लाने से निवेशकों के अंदर सुरक्षा का भाव बढ़ेगा.

तो वहीं क्रिप्टोकरेंसी को अकाउंटिंग का हिस्सा बनाने से इसके माध्यम से होनी वाली अवैध गतिविधियों पर लगाम लगेगी, और कालेधन की जमाखोरी रुकेगी. साथ ही कर चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने में भी मदद मिलेगी.