आगरा के गांव में विवाद को सुलझाने पहुचे दरोगा की गोली मारकर हत्या कर दी गई. दोनों भाइयों में खेत से आलू निकलाने को लेकर झगड़ा चल रहा था, जिसे सुलझाने के लिए दारोगा वहां गए थे. यह मामला आगरा के नेहर्रा गांव का है. दो भाइयों विश्वनाथ और शिवनाथ में खेत से आलू निकालने को लेकर विवाद था. दो भाइयों में से एक शिवनाथ ने बुधवार शाम को स्थानीय थाने में खबर दी कि उसका भाई विश्वनाथ उसके आदमियों को धमका रहा है और खेत से आलू नहीं निकालने दे रहे हैं.

जिसकी सूचना पर दारोग़ा प्रशांत यादव और कांस्टेबल चंद्रसेन मौके पर गए. पुलिस को देख कर विश्वानाथ ने भागना शुरू किया. दारोग़ा और कांस्टेबल ने उसे दौड़ाया. जब पुलिसकर्मी उसके क़रीब पहुंचे तो विश्वनाथ ने एक देसी तमंचे से दारोग़ा पर फायर कर दिया. जिससे उनकी मौत हो गई. दारोग़ा की हत्या के बाद विश्वनाथ फरार हो गया.

वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख व्यक्त किया. उन्होंने जान गंवाने वाले दारोग़ा प्रशांत यादव के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है. जनपद की एक सड़क का नामकरण उनके नाम पर करने की भी घोषणा की है.

अपर पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि आगरा के थाना खंदौली पुलिस को गांव नहर्रा में विश्वनाथ और उसके भाई शिवनाथ के बीच आलू के बंटवारे को लेकर विवाद होने की सूचना मिली. उन्होंने बताया कि शिवनाथ ने पुलिस को सूचना दी थी और इस सूचना पर दरोगा प्रशांत, सिपाही चंद्रसेन के साथ शाम को गांव पहुंचे. साथ ही उन्होंने बताया कि वहां पता चला कि विश्वनाथ गांव वालों को भी तमंचे से धमका रहा था और रोकने पर उसने दरोगा प्रशांत पर गोली चला दी. उन्होंने बताया कि गोली गले में लगने से दरोगा लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। उन्होंने बताया कि दरोगा प्रशांत की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गयी.