वाराणसी: संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के द्वारा आचार्य पंडित मुरारि लाल शर्मा की स्मृति में परिसर में मौजूद वेधशाला में ग्रहों की गणना के लिए यंत्रालय का भव्यलोकार्पण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजाराम के करकमलों द्वारा किया गया.

इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि डॉ. हेमलता एस मोहन, अध्यक्ष, सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (भारत सरकार) की गरिमामयी उपस्थित भी रही. कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ने अपने पिता श्रद्धेय मुरारि लाल शर्मा जी के विराट व्यक्तित्व एवं उनके दृढ संकल्पनाओं की चर्चा करते हुए ग्रह-गोचरों के विशेष महत्व को बताया. आचार्य मुरारि लाल शर्मा देश के जाने-माने खगोलविद् रहे हैं, उनकी स्मृति में इस आधुनिक यंत्रालय का लोकार्पण निश्चित ही अनुसंधाताओं के लिए लाभप्रद रहेगा. कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व ज्योतिष विभागाध्यक्ष ज्योतिषाचार्य रामचंद्र पांडेय की गरिमामयी उपस्थिति रही. उन्होंने बताया कि आचार्य मुरारि लाल शर्मा एक महान दूरदर्शी शिक्षक थे.

हर वर्ष आचार्य मुरारि लाल शर्मा की स्मृति में व्याख्यानमाला का आयोजन करने के लिए विश्वविद्यालय निधि में डेढ़ लाख रुपये की धनराशि का भी समर्पण मुरारि लाल शर्मा के परिवार के द्वारा प्रदान किया गया. कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विविध विभागों के आचार्य छात्र अनुसंधान कर्मचारी एवं नगर के प्रतिष्ठित गणमान्य की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के आयोजन में ज्योतिष विभाग के विभागाध्यक्ष अनिल कुमार शुक्ला ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और समारोह का सुंदर संचालन किया।.   

मुरारि लाल स्मृति यंत्रशाला 4 इंच एवं 8 इंच के दो दूरवीक्षक यंत्र, राज दूरदर्शन यंत्र, टेलिस्कोप, सेलीस्टियल ग्लोब समेत 25 से अधिक यंत्रों का लोकार्पण किया गया. इस अवसर पर दर्शन संकाय के अध्यक्ष प्रोफेसर सुधाकर मिश्र, प्रोफ़ेसर हरिप्रसाद अधिकारी, प्रोफेसर कमलाकांत मिश्र, डॉ विजय पांडेय, डॉक्टर शरद नागर, डॉक्टर कुंज बिहारी द्विवेदी, डॉक्टर सत्येंद्र यादव, डॉक्टर विजय कुमार शर्मा, डॉक्टर विजेंद्र आर्य, डॉक्टर दिव्य चेतन ब्रह्मचारी, डॉक्टर गोपाल कारखेडकर, डॉक्टर माधवेंद्र पांडेय सहित अनेकानेक आचार्य उपस्थित रहे.