भारत में जानलेवा कोरोना वायरस ने एक बा फिर यू-टर्न ले लिया है. जहां देश के लोग कोरोना को जाता समझ रहे थे, वहीं अब बढ़ते मामलों ने देश की चिंता बढ़ा दी है. बता दें कि 11 मार्च 2020 यही वो तारीख थी जब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना को वैश्विक महामारी माना था. अब हालात फिर से पिछले साल जैसे ही होते जा रहे हैं.

भारत में उत्तर से दक्षिण तक कोरोना के मामलों में आई तेजी तनाव पैदा करने वाली है. कल देश में कोरोना के 22 हजार 854 नए मामले दर्ज किए गए थे. बड़ी बात यह है कि इन मामलों में 85 फीसदी मामले महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु में दर्ज हुए हैं.

जहां महाराष्ट्र में बुधवार को कोरोना के 13 हजार 659 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जो कि पांच महीने में सबसे ज्यादा हैं. वहीं दिल्ली में कोरोना के 409 नए केस आए जो कि दो महीने में एक दिन का सबसे बड़ा आंकड़ा है. तो वहीं पंजाब में 24 घंटे में 1700 से ज्यादा केस आने पर 6 जिलों नवांशहर, जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला, पटियाला और लुधियाना में नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है.

वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने संक्रमण के सैलाब के पीछे लोगों की लापरवाही, टेस्टिंग की कमी और भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमको जिम्मेदार बताया है. महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते आंकड़ों की वजह से अलग-अलग शहरों में फिर से लॉकडाउन और सख्ती का दौर शुरू हो गया है. कोरोना मरीजों की तादाद के आधार पर महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में सख्ती शुरू हो गई है.

बता दें कि महाराष्ट्र का ये हाल इसलिए है, क्योंकि लोगों ने जमकर लापरवाही बरती. आज हालत ये है कि महाराष्ट्र के 8 शहरों में खतरे की घंटी बज रही है. देश के सबसे ज्यादा एक्टिव केस वाले 10 शहरों में से 8 महाराष्ट्र के हैं. महाराष्ट्र मे आने वाले दिनों में सख्ती बढ़ाई जा सकती है. चिंता की बात ये है कि महाराष्ट्र से दूसरे राज्यों में लोगों की आवाजाही पहले की तरह जारी है. ऐसे में देश के दूसरे हिस्सों में भी कोरोना के फिर से सिर उठाने का खतरा बढ़ रहा है.