देश में आर्थिक सुधार की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और अहम फ़ैसला लिया है. जहां बुधवार को हुई बैठक में केंद्रीय कैबिनेट ने बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने को मंज़ूरी दे दी है. इस फ़ैसले के मुताबिक़ बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाकर 74 फ़ीसदी की जाएगी. फ़िलहाल ये सीमा 49 फ़ीसदी है. 2015 में सरकार ने ही इस क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा 26 फ़ीसदी से बढ़ाकर 49 फ़ीसदी कर दिया था.

वहीं अब बीमा क़ानून में संशोधन किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक़ संशोधन बिल को संसद के वर्तमान सत्र में ही पेश किया जाएगा. इस क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने का ऐलान खुद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में भी किया था. उन्होंने कहा था कि निवेश की सीमा बढ़ाने के साथ साथ कुछ ऐसे उपाय भी किए जाएंगे जिसे स्वदेशी हित की रक्षा भी की जा सके.

बता दें कि इसके अलावा एक अन्य फ़ैसले में कैबिनेट ने प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा कोष के गठन को भी मंज़ूरी दी है. कोष का उद्देश्य स्वास्थ्य सेक्टर के विकास के लिए एक तय फंड मुहैया करवाना है. करदाताओं से लिए जाने वाले स्वास्थ्य और शिक्षा सेस के ज़रिए अर्जित होने वाले पैसे को अब इसी कोष में जमा किया जाएगा. फ़िलहाल सरकार करदाताओं से चार फ़ीसदी स्वास्थ्य और शिक्षा सेस के रूप में लेती है. कोष में जमा पैसों का इस्तेमाल आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना जैसे फ्लैगशिप कार्यक्रमों में किया जाएगा.