सरकार की सख्ती के बाद अवांछित कॉल को लेकर अब टेलीकॉम कंपनियों ने इसके बारे में नया नियम लागू कर किए है. इसकी वजह से लाखों ग्राहकों को ओटीपी जैसे जरूरी एसएमएस हासिल करने में भी परेशानी आ रही है और ये अगले कुछ दिनों तक रह सकती है. बता दें कि इससे कुछ कंज्यूमर्स को आधार ओटीपी, कोविन प्लेटफॉर्म के द्वारा कोविड वैक्स‍िनेशन जैसे जरूरी कार्यों के लिए होने वाले एसएमएस हासिल करने में भी परेशानी आ सकती है.

जहां टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, दूरसंचार नियामक ट्राई ने उपभोक्ताओं को अवांछित कॉल और फर्जी मैसेज की परेशानी से बचाने के लिए टेलीकॉम कंपनियों से ग्राहकों के रजिस्ट्रेशन और मानकीकरण के लिए नए नियम लागू करने को कहा है. वहीं  रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने रविवार रात से ही इसे लागू कर दिया है.

बता दें कि ट्राई का यह नया मानक 2019 से ही लागू करना लंबित है. लेकिन हाल के वर्षों में फिश‍िंग अटैक और अवांछित कॉमर्श‍ियल संचार के बढ़ते मामलों की वजह से अब इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है . इससे सोमवार से ही बहुत से ग्राहकों को कई तरह के जरूरी मैसेज हासिल करने में दिक्कत आ रही है. लेकिन टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि इस समस्या का जल्द ही समाधान कर लिया जाएगा.

आपको बता दें कि ट्राई ने आपरेटरों को अवांछित कॉल्स और संदेशों को रोकने के लिए ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने को कहा था.  भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने अवांछित कॉल्स और स्पैम से संबंधित नियमों में साल 2018 में बदलाव किया था. टेलीमार्केटिंग कंपनियों द्वारा संदेश भेजने के लिए ग्राहकों की मंजूरी को अनिवार्य किये जाने के नये नियमों को देखते हुये ये बदलाव किये गये थे. नियामक ने दूरसंचार आपरेटरों से यह सुनिश्चित करने को कहा था कि व्यावसायिक संदेश सिर्फ रजिस्टर्ड नंबर  के जरिये हों.