बलिया जहां एक धार्मिक मठ में एक नाबालिग बालिका के शोषण का मामला सामने आया है. मठ के मठाधीश और उनके शिष्यों पर बालिका के साथ पिछले कई वर्षों से शारीरिक शोषण का मामला सामने आया है. पीड़िता ने स्थानीय पुलिस से लेकर एसपी तक न्याय की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस मामले को लेकर खामोश बनी रही. पीड़िता ने न्याय के लिए अब अदालत का सहारा लिया है. लेकिन अदालत से केस दर्ज कर कार्यवाही के आदेश के बाद भी पुलिस मामले को लेकर लापरवाह बनी हुई है.

दरसअल बलिया के उभांव थाना क्षेत्र के खैरा खास मठ के मठाधीश और उनके शिष्यों पर एक बालिका के शोषण का आरोप लगा है. पीड़िता का आरोप है कि मठ के महंत वर्ष 2015 से उसका शारीरिक शोषण कर रहे है. बताया जा रहा है कि मठ के महंत बालिका के रिश्तेदार हैं, और पीड़िता के पिता की मृत्यु के बाद पीड़िता को शिक्षा दीक्षा के लिए मठ में लाये थे. लेकिन मठ में लाने के बाद महंत ने बालिका का शोषण करने शुरू कर दिया. इतना ही नही कई वर्षों तक महंत के दो शिष्य भी पीड़िता के साथ शारीरिक शोषण करते रहे.

वहीं बालिका ने मामले को लेकर कई बार स्थानीय पुलिस से लेकर एसपी तक गुहार लगाई, लेकिन पुलिस पीड़िता के साथ हो रहे अत्याचार पर संवेदनहीन बनी रही. पीड़िता ने अब अपने एक रिश्तेदार की मदद से न्याय के लिए अदालत का सहारा लिया है. कोर्ट ने पीड़िता की गुहार पर मामले में केस दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही का आदेश दिया है. बावजूद इसके अभी भी पुलिस मामले को लेकर संजीदा नजर नहीं आ रही है.

बलिया के खैरा खास मठ में बालिका के शारीरिक शोषण का ये मामला जहां मठ की कार्य प्रणाली पर गम्भीर सवाल खड़े कर रहा है. वही आरोपी महंत और उसके शिष्य लगातार पीड़िता को डरा धमका रहे हैं. जबकि अदालत से आदेश के बाद भी पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्यवश से कतरा रही है. ऐसे में डरी सहमी पीड़िता न्याय के लिए अफसरों के दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर नजर आ रही है.