संभल मानसिक संतुलन खो कर दलित रेप पीड़िता ने की कल आत्महत्या कर ली, पीड़िता अपने ही दुपट्टे से फांसी का फंदा लगाकर छत के कुंदे से टंकी मिली. एक साल पहले पड़ोस के ही युवक ने किया था युवती का कॉलेज जाते समय रेप युवक अभी तक जेल में बंद है, युवती से रेप करने के मामले में परिवार पर फैसले का दबाव बना रहा था. आरोपी के परिवार वाले दलित रेप पीड़िता के परिवार पर फैसले करने का दबाव बना रहे थे. रेप होने के बाद युवती ने खोया था मानसिक संतुलन बरेली हॉस्पिटल से चल रहा था इलाज

बता दें कि पूरा मामला उत्तर प्रदेश के जनपद संभल के थाना बहजोई इलाके के गांव रम्पुरा का है. जहां एक साल पहले गांव की दलित युवती कॉलेज जाने को निकली तो गांव का ही एक युवक जिसका नाम रामलाल है जो पहले से युवती पर बुरी नियत रखता था, उसने युवती को रास्ते में अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी घटना को अंजाम दिया. जिसके बाद युवती के परिजनों के साथ थाना बहजोई में अपनी शिकायत दर्ज कराई. जिसके बाद हरकत में आई पुलिस ने आरोपी रामलाल को युवती के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में जेल भेज दिया था.

मगर युवती अपने दिल और दिमाग से अपने साथ हुई इस घिनौनी घटना को नहीं निकल पाई और दिन प्रति दिन वो अपना मानसिक संतुलन खोती जा रही थी इसी बीच आरोपी के परिजन पीड़िता के परिवार पर फैसले का दबाव बना रहे थे, और रेप का फैसला ना करने पर पीड़ित परिवार को लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे थे.

लेकिन पीड़ित दलित परिवार ने फैसला ना करने की ठान ली थी मगर लगातार पीड़िता अपने परिवार पर फैसले का दबाब देख और ज्यादा मानसिक तनाव का शिकार होती जा रही थी और पीड़ित युवती ने कल इसी के चलते अपने दुपट्टे से फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला को समाप्त कर लिया. जबकि पीड़ित परिवार अपनी बेटी का बरेली मानसिक हॉस्पिटल से उसका इलाज करा रहा था.