उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सपा मुखिया अखिलेश यादव ने नोएडा एक्सप्रेस वे स्थित टप्पल इंटरचेंज पर केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान महापंचायत को सम्बोधित किया. अखिलेश यादव की इस महापंचायत में किसानों की भारी संख्या में भीड़ मौजूद रही.

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने किसान महापंचायत को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसान आंदोलन को आज 100 दिन हो गए, लेकिन किसान तब तक संघर्ष करेगा, जब तक यह वापस नहीं होंगे. इस आंदोलन से किसानों और युवाओं का भविष्य जुड़ा हुआ है, इसलिए यह आंदोलन तीनों किसान कानून वापस न होने तक जारी रहेगा. अगर खेती नहीं होगी, तो जीवन कैसे चलेगा. कोरोना वैश्विक महामारी में घरों में रहना पड़ा, परेशानी में रहे, जिससे कहीं निकल नहीं पाए, व्यापार और छोटे दुकानदारों का काम ठप्प हो गया, लेकिन इसके बाद भी कोई घरों से नहीं निकला, तो किसान निकला, किसान ने खेतों में काम किया. किसानों ने वैश्विक महामारी में भी खेतों में काम करके देश को झुकने नहीं दिया.

साथ ही अखिलेश ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि 200 से ज्यादा किसान शहीद हो गए, ऐसी सरकार है, जो सुन नहीं रही है. किसानों को सरकार ने अपमानित किया, इससे किसान कमजोर नहीं हुआ, बल्कि और मजबूत हुआ और किसानों ने 26 जनवरी को ट्रेक्टर परेड निकाल कर अपनी शक्ति का एहसास कराया. किसानों को सरकार ने परेशान किया, उनकी राह में गढ्ढे खोद दिए, कीलें गाड़ दीं, ट्रैक्टरों में डीजल नहीं डालने दिया. अगर इन किसानों की नहीं सुनीं गयी, तो यह किसान सरकार को बाहर का रास्ता दिखाने का काम करेंगे.

अखिलेश यादव ने एमएसपी पर कहा कि धान का उचित मूल्य किसानों को नहीं मिला, 800-900 में बिका, और मक्का के बारे में तो मुख्यमंत्री को पता ही नहीं होगा कि मक्का कितने में बिक गयी. घाटा किसानो को मिल रहा है, और मुनाफा बड़े-बड़े व्यापारी लेते हैं. सरकार ने इन कानून के बारे में किसी से नहीं पूछा, चुपचाप से कानून बना दिये, इससे किसानों की खेती चली जाएगी, और उन्हें न्याय भी नहीं मिलेगा.

दिल्ली वाले और प्रदेश वाले मंत्री बताए कि कहां एमएसपी मिल रही है. बीजेपी वाले मिस कॉल वाले नम्बर से सदस्य तो बनाते है, लेकिन अब ये बताए कि ऐसा कौन सा नम्बर है, जिससे किसानों को एमएसपी मिल जाएं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पीएम और प्रदेश के मुख्यमंत्री कहते हैं कि स्टोबरी की खेती करो, मै पूछता हूँ कि कहां है स्टोबरी कि खेती, और मुख्यमंत्री तो गाजर का हलुआ भी काला बना कर खाते हैं.

साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आयी तो हम मंडी बनाएंगे. डीजल, पेट्रोल और गैसों के दाम बढ़ा दिए हैं, सरकार बताए कि कहां जा रहा है ये मुनाफा. नोजवानों के पास रोज़गार नहीं है. कहते हैं कि देश विश्व गुरु बनने जा रहा है, बिना किसानों के कैसे विश्वगुरु बनेगा. किसानों की अगर कोई मदद कर सकता है तो वो सरकार है, लेकिन सरकार किसानों को बर्बाद कर देना चाहती है. भारत को एक ईस्ट इंडिया कम्पनी ने गुलाम बना दिया, एक कानून ने ताकत दी जिससे ईस्ट इंडिया कंपनी सरकार बन गयी, और आज सरकार देश को कंपनी बनाने का काम कर रहे हैं, क्योकि देश को कंपनी के हाथों में दिया जा रहा है.

बीजेपी ने देश को बर्बाद करने वाले फैसले लिए, जीएसटी, नोटबन्दी, लॉकडाउन में मजदूरों की जान चली गयी, पैदल चलते हुए.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सपा मुखिया अखिलेश यादव