ये तो सब जानते हैं कि जमाना बदल रहा है, तमाम लोगों को अपने घर के लोगों का मोबाइल नम्बर तक याद नहीं रहता, वहीं मीरजापुर के अदलहाट थाना क्षेत्र के परस रामपुर निवासिनी 65 वर्षीय श्रीमती सीतापति पटेल की याददाश्त उम्र के साथ-साथ बढ़ रही है. जी हां उन्हे अपने जनपद ही नहीं आसपास के जिलों के सरकारी और नेताओं के नम्बर याद हैं. अनपढ़ होने के बावजूद वह क्षेत्र में गूगल दादी के नाम से चर्चित हैं. वह गृहस्थी के काम निपटाने के साथ ही पीड़ितों की मदद और समाजसेवा करती हैं.

अब किसी भी प्रश्न का जवाब न मिलने पर लोग गूगल गुरु की मदद लेते हैं. उसी प्रकार किसी के नम्बर की जरूरत पड़ने या अपनी समस्या का समाधान निकालने के लिए मीरजापुर के परस रामपुर में रहने वाली गूगल दादी की मदद लेते हैं. उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले की रहने वाली गूगल दादी चलती फिरती डायरेक्ट्री हैं. उनको अधिकारी से लेकर विधायक और थाने और हेल्प लाइन आदि सैकड़ों फोन नंबर जुबानी याद है. उन्होंने विद्यालय में कोई पढ़ाई नहीं किया है . बस लोगों से नंबर सुना और याद हो गया. इसलिए लोग इनको गूगल दादी के नाम से पहचानते हैं.

बता दें कि चुनार तहसील क्षेत्र के परस रामपुर गांव की रहने वाली गूगल दादी का परिवार किसान है. उनकी इस प्रतिभा पर खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक सराहना कर चुके हैं. उम्र के साथ ही उनकी याददाश्त भी बढ़ रही हैं. करीब 65 साल की सीतापति पटेल की जैसे-जैसे उम्र बढ़ रही है उनकी स्मरण शक्ति भी बढ़ रही है. स्वभाव से हंसमुख, जिंदादिल रहने वाली दादी समाज सेवा का काम कर लोगों की मदद भी करने का काम करती हैं. स्वच्छ भारत मिशन के तहत लोगों को जागरूक करने के लिए एक गीत बनाया और खुद ही गाती है. हालांकि प्रधानमंत्री मोदी तक इनकी सराहना कर चुके हैं. लेकिन दादी को कष्ट यह है कि अभी तक उन्हें सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिला.