पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को एक चुनावी रैली में BJP पर जोरदार हमला बोलने के साथ गृह मंत्री अमित शाह के आरोपों पर पलटवार किया. ममता ने आरोप लगाया, वे कहते हैं कि बंगाल में सरस्वती पूजा नहीं होने देंगे. उन्हें मां दुर्गा औऱ मां काली के बारे में नहीं मालूम और बंगाल में राजनीति करना चाहते हैं. ममता ने बीजेपी नेताओं को सरस्वती मंत्र बोलने की चुनौती भी दे डाली. ममता ने कई देवी-देवताओं के नाम भी गिनाए और कहा कि वह हिन्दू धर्म का पाठ उन्हें सिखाएंगी.

साथ ही ममता ने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाले ही ज्यादा चीखते-चिल्लाते हैं. उन्होंने कहा, मैंने कभी इतना झूठ बोलने वाला गृह मंत्री नहीं देखा. बंगाल सरकार ने दुआरे सरकार स्कीम के तहत 18 लाख से ज्यादा प्रमाणपत्र बांटे हैं. किसानों का अपमान करने के बाद वे पंजाब में खत्म हो गए. यूपी में भी उनका सफाया हो जाएगा. असम में कोई विकल्प नहीं है, इसलिए वे सत्ता में हैं. घुसपैठियों के सवाल पर ममता ने कहा, पहले अपना प्रमाणपत्र चेक कराओ, फिर दूसरों से पूछना.

वहीं ममता ने कहा कि वह कभी खुद को नेता नहीं मानतीं. वह खुद को तृणमूल में कार्यकर्ता मानती है और छात्र नेता होने पर भी उन्हें गर्व है. मीडिया चैनल भी सुबह से झूठ बोलना शुरू कर देते हैं. बीजेपी नेता पांच सितारा होटलों से अपनी पार्टी चलाती है और धर्म के आधार पर बांटते हैं.

उन्नाव में दो लड़कियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और एक लड़की की गंभीर हालत पर ममता ने सवाल उठाया कि गृह मंत्री ने उस पर एक शब्द क्यों नहीं कहा. मुझसे लड़ना आसान नहीं है.अगर आप मुझे हराकर राजनीति करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको हजार जन्म लेने पड़ेंगे.