विशेष न्यायाधीश ने पॉक्सो एक्ट में 24 दिनों में ही सुनाया ऐतिहासिक फैसला, नाबालिग 6 वर्षीय गूंगी अबोध दलित बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास के साथ एक लाख जुर्माने से किया दंडित, जुर्माना नही भरने पर दो वर्ष का भुगतना होगा अतिरिक्त कारावास, पीड़िता को मिलेगी सम्पूर्ण धनराशि.

बता दें कि बीते 7 जनवरी को मड़िहान थाना क्षेत्र के मन गढ़वा जंगल मे जुडिया ग्राम निवासी अभियुक्त राकेश यादव ने 6 वर्षीय की अबोध मूक बधिर बच्ची को खेलते समय गोद में उठा कर ले गया, काफी समय बीत जाने के बाद भी जब बच्ची को परिजनों नहीं देखी तो उसकी खोज में जुट गए. गांव के ही दूसरे बच्चों से जब पता चला कि राकेश बच्ची को लेकर जंगल की ओर गया है, उसकी खोज में गए जब जंगल मे पहुंचे तो परिजनों को अबोध खून से लथपथ सिसकती मिली. दुष्कर्म के बाद अभियुक्त राकेश पीड़िता को छोड़कर फरार हो गया था.

जिसके बाद अभियुक्त राकेश यादव के खिलाफ नामजद रिपोर्ट पीड़िता की गई. विवेचक के बाद पीड़िता का डॉक्टरी परीक्षण कराने के उपरांत गूंगी होने के कारण एक्सपर्ट के माध्यम से उसका बयान दर्ज किया तथा न्यायालय में भी दर्ज कराया तत्पश्चात विवेचना के उपरांत अभियुक्त के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया. मामला अति गंभीर होने पर अदालत ने इस पर त्वरित कार्रवाई शुरू कर मात्र 24 दिनों में यह ऐतिहासिक फैसला सुना दिया अभियोजन पक्ष ने भी इस मामले में त्वरित पैरवी करते हुए इतने कम समय में पीड़िता औेर उसके माता-पिता , एक्सपर्ट , डॉक्टर और विवेचक सहित कुल 10 गवाहों को कोर्ट के समक्ष पेश कराया. न्यायाधीश अच्छे लाल सरोज के ऐतिहासिक फैसले से मिर्जापुर न्यायालय ने इतिहास रच दिया.

मिर्जापुर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश अच्छे लाल सरोज की अदालत ने 6 वर्षीय गूंगी अबोध दलित बालिका के साथ दुष्कर्म करने के मामले में मात्र 24 दिनों में मामले का विचारण कर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए अभियुक्त राकेश यादव को दोष सिद्ध करार दिया है. अभियुक्त को आजीवन कारावास के साथ एक लाख के जुर्माना भी लगाया, जुर्माने की राशि पीड़िता को दी जाएगी, जुर्माने की राशि अदा न करने पर दो वर्ष अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. इस फैसले पर पीड़िता की तरफ से पैरवी कर रही शासकीय अधिवक्ता ने इसे एक इतिहास फैसला बताया है.