अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ी राहत मिली है. उन्हें कैपिटल हिल में हिंसा के लिए लोगों को भड़काने के आरोपों से बरी कर दिया गया है. ट्रंप 10 वोट के अंतर से बच गए. वोटिंग में 57 सीनेटरों ने उन्हें दोषी पाया था, जबकि 43 सदस्यों ने उन्हें दोषी नहीं पाया. उन्हें दोषी करार देने के लिए सीनेट को दो तिहाई बहुमत यानी 67 वोटों की ज़रूरत थी.

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप लगे थे कि उन्होंने 6 जनवरी को अमेरिकी संसद भवन में दंगे करवाए थे. इस घटना में 5 लोगों की मौत हो गई थी. रिपब्लिकन पार्टी के 7 नेताओं ने डेमोक्रेट्स का साथ दिया और ट्रंप के खिलाफ वोटिंग की. वहीं ये दूसरा मौका था जब ट्रंप को किसी महाभियोग से बरी किया गया. शनिवार को सीनेट के फैसले को ट्रंप की जीत के तौर पर देखा जा रहा है. इसके बाद अगर ट्रंप चाहें तो 2024 में एक बार फिर राष्ट्रपति के पद के लिए चुनाव लड़ सकते हैं.

हिंसा भड़काने के आरोपों से बरी होने के बाद ट्रंप ने एक बयान जारी किया. ट्रंप ने आरोप लगाया कि उन्हे बदनाम करने के लिए साजिश रची गई थी. बता दें कि महाभियोग को लेकर लगातार 4 दिनों तक सुनवाई हुई. इसके बाद पांचवें दिन वोटिंग हुई. इससे पहले सुनवाई के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वकीलों ने सीनेट में कहा कि रिपब्लिकन नेता पर लगे राजद्रोह भड़काने के आरोप ‘सरासर झूठे’ हैं और उनके खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही ‘राजनीति से प्रेरित’ है.

हालांकि विपक्षी दलों का कहना था कि ट्रंप को दोषी ठहराया जाना चाहिए और उन्हें दंगे भड़काने के कारण भविष्य में चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जाए. ट्रंप के वकीलों ने दावा किया कि उनके मुवक्किल के खिलाफ महाभियोग के दौरान लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं.